Rajasthan High Court: राजस्थान के मुख्य न्यायाधीश एम एम श्रीवास्तव ने सोमवार (17 फरवरी) को राजस्थान हाईकोर्ट में मनीष शर्मा को न्यायाधीश पद की शपथ दिलाई. मनीष शर्मा अधिवक्ता कोटे से राजस्थान हाईकोर्ट में न्यायाधीश बने हैं. उनको जोधपुर में पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई गई. शपथ ग्रहण समारोह में जोधपुर मुख्य पीठ के सभी न्यायाधीश व जयपुर की पीठ के न्यायाधीश वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े. 

मनीष शर्मा के न्यायाधीश की शपथ के बाद राजस्थान हाईकोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या बढ़कर 34 हो गई है. जानकारी के अनुसार, साल 2025 में ही तीन जज सेवानिवृत्त हो रहे हैं. जस्टिस बीरेंद्र कुमार मई में, जस्टिस नरेंद्र ढड्ढा सितंबर में और जस्टिस मनोज कुमार गर्ग नवंबर में सेवानिवृत्त होंगे. ऐसे में जजों की संख्या घटकर 31 हो जाएगी. 

हालांकि, संभावना है कि इसी साल अधिवक्ता कोटे से कुछ नए जज मिल सकते हैं. बता दें कि राष्ट्रपति भवन ने शुक्रवार को अधिवक्ता कोटे से मनीष शर्मा को हाईकोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किया था. इसके बाद केंद्र सरकार ने भी उनकी नियुक्ति का नोटिफिकेशन जारी किया था.

शर्मा ने जयपुर में सत्र न्यायालय और उच्च न्यायालय में वकालत की है. सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 6 अक्टूबर, 2021 को हुई  बैठक में शर्मा को न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत करने का प्रस्ताव रखा था. इसके तीन साल बाद उनकी नियुक्ति हुई है.

गौरतलब है कि जनवरी 2025 में राजस्थान हाईकोर्ट को न्यायिक कोटे से तीन न्यायाधीश क्रमश: जस्टिस चंद्रशेखर शर्मा, जस्टिस प्रमिल कुमार माथुर और जस्टिस चंद्रप्रकाश श्रीमाली मिले थे. यह तीनों 1992 बैच के न्यायिक अधिकारी हैं.

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