जाने माने कवि कुमार विश्वास की पत्नी डॉ मंजू शर्मा ने राजस्थान पब्लिक सर्विस कमीशन के सदस्य पद से इस्तीफा दे दिया. राजस्थान हाई कोर्ट की तल्ख टिप्पणी के बाद उन्होंने ये फैसला लिया. मंजू शर्मा ने अपना इस्तीफा गवर्नर को भेज दिया है. इस्तीफे में उन्होंने लिखा कि वह अपनी स्वेच्छा से सदस्य पद से त्यागपत्र दे रही हैं. उनका कार्यकाल 14 अक्टूबर 2026 तक था. 15 अक्टूबर 2020 को उन्होंने पद ग्रहण किया था. राजस्थान हाई कोर्ट ने पिछले हफ्ते सब इंस्पेक्टर भर्ती रद्द करते हुए पब्लिक सर्विस कमीशन के तत्कालीन अध्यक्ष और सदस्यों की भूमिका को लेकर भी सवाल खड़े किए थे.

मंजू शर्मा के कार्यकाल में हुई सब इंस्पेक्टर भर्ती

हाईकोर्ट ने पब्लिक सर्विस कमीशन की कार्य प्रणाली पर स्वत: संज्ञान लेते हुए जनहित याचिका के तौर पर सुनवाई करने का फैसला भी किया था. सब इंस्पेक्टर भर्ती की पूरी प्रक्रिया मंजू शर्मा के कार्यकाल में ही हुई. 

कमीशन के दो सदस्य जेल जा भेजे जा चुके

कमीशन के दो सदस्य पेपर लीक के आरोप में पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजे जा चुके हैं. हाईकोर्ट की तल्ख टिप्पणी के बाद तत्कालीन अध्यक्ष और सदस्यों के खिलाफ भी जांच शुरू होने की उम्मीद है. सदस्यों और पूर्व अध्यक्ष पर शिकंजा कसना भी तय माना जा रहा है.

मेरे खिलाफ कोई भी जांच लंबित नहीं- मंजू शर्मा

मंजू शर्मा ने राज्यपाल के नाम इस्तीफा लिखते हुए कहा, "मैंने अपना पूरा कार्यकारी व निजी जीवन अत्यन्त पारदर्शिता व ईमानदारी से काम करते हुए व्यतीत किया है किंतु गत दिनों एक भर्ती प्रक्रिया में उत्पन्न हुए विवाद के कारण मेरी व्यक्तिगत प्रतिष्ठा एवं पूरे आयोग की गरिमा प्रभावित हुई है. जबकि मेरे विरुद्ध किसी भी पुलिस संस्थान अथवा किसी भी जांच एजेंसी में न किसी प्रकार की कोई भी जांच लंबित है और न ही मुझे किस भी प्रकरण में कभी भी अभियुक्त माना गया है."

 

डॉ मंजू शर्मा का इस्तीफा पत्र

सार्वजनिक जीवन में शुचिता की पक्षधर- मंजू शर्मा

आगे उन्होंने कहा, "फिर भी, सार्वजनिक जीवन में शुचिता की सदैव पक्षधर होने के कारण आयोग की गरिमा, निष्पक्षता एवं पारदर्शिता को सर्वोपरि मानते हुए मैं स्वेच्छा से राजस्थान लोक सेवा आयोग की सदस्य पद से अपना त्यागपत्र दे रही हूं."