Kota Rail News: देखा जाता है कि अक्सर लोग कुछ परेशानियों को बचाने के लिए अवैध संसाधनों का इस्तेमाल करते हैं. लोग नियमों को भी ताक पर रख देते हैं. कभी कभी तो यह अच्छा लगता है, लेकिन कई बार जान आफत में आ जाती है. कानूनी पेचीदगियों में भी उलझना पड़ जाता है. रेलवे में पटरी पार करने के बाद लोग भले ही इसे अपनी बुद्धिमता समझते हों, लेकिन कई बार उनकी जान पर बन आती है. कई लोगों की तो जान तक चली गई. इसका खामियाजा उनका परिवार भुगतता है. यात्रियों को उनके गन्तव्य तक सुरक्षित पहुंचाना ही भारतीय रेल (Indian Railway) का ध्येय है.

पटरी पार करते समय बुजुर्ग टकरा गए ट्रेन सेवरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक रोहित मालवीय ने बताया कि ट्रैक पासिंग रेलवे के लिए बड़ी समस्या बनी हुई है. इस समस्या से निजात पाने के लिए रेल प्रशासन द्वारा विभिन्न स्टेशनों एवं सेक्शनों में पटरी पार करने वालों के विरूद्व लगातार विशेष अभियान चलाया जा रहा है. मानव जीवन अमूल्य है. हाल ही में इस प्रकार की कई घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें विगत दिनों में एक ईश्वर सिंह नामक व्यक्ति कोटा जंक्शन रेलवे स्टेशन पर अनधिकृत रूप से लाइन पार करते समय अप लाइन पर आ रही गुड्स ट्रेन से टकराकर बुरी तरह से घायल हो गए, जिन्हें स्टेशन प्रबंधक जसवंत सिंह बतरा, आन ड्यूटी स्टेशन मास्टर ब्रजमोहन शर्मा, स्टेशन अधीक्षक वाणिज्य नरेन्द्र चौहान और स्टेशन निर्देशक एनके मीना ने तत्काल एम्बुलेंस की मदद से एमबीएस अस्पताल में भर्ती कराया.

नुक्कड नाटकों से भी समझा रहा रेल प्रशासनरेल प्रशासन आमजनता और यात्रियों से अपील करता है कि अनाधिकृत रूप से रेलवे लाइन पार न करें. इस अभियान के दौरान स्टेशन, स्कूल, रेलवे फाटक और रेलवे लाइन के किनारे बसे गांवों, बस्तियों में जाकर लोगो को नियम विरुद्ध रेल लाइन पार न करने और रेलवे द्वारा बनाये गये नियमों का पालन करने के लिए नुक्कड नाटक, उद्घोषणा, पम्पलेट, बैनर इत्यादि के जरिए लोगों को जागरूक किया जाता है.  इसके अतिरिक्त आरपीएफ कोटा मंडल द्वारा ट्रैस पास (अनाधिकृत रूप से रेलवे पटरी पार करना) करने वालों के विरूद्व कड़ा रूख अपनाते हुए निरन्तर अभियान के दौरान रेल अधिनियम की धारा 147 के तहत वैधानिक कार्रवाई की जा रही है.

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