राजस्थान के जोधपुर में जोजरी नदी प्रदूषण मामले (Jojari River Pollution Case) में सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद गठित विशेष जांच दल (SIT) ने अपनी पहली बड़ी कार्रवाई की है. एसआईटी ने प्रदूषण के आरोप में पांच उद्योगपतियों को गिरफ्तार किया. हालांकि, गिरफ्तारी के अगले ही दिन सोमवार (3 अगस्त) को अदालत ने सभी आरोपियों को जमानत पर रिहा करने के आदेश दे दिए.

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पुलिस के अनुसार, जोजरी नदी में फैक्ट्रियों का दूषित पानी छोड़ने के मामले में विवेक विहार थाना पुलिस ने पांच उद्योगपतियों को पूछताछ के लिए बुलाया था. लंबी पूछताछ के बाद पुलिस ने जसराज बोथरा, निलेश संचेती, सांग सिंह परिहार, सुरेश खेमानी और गोपाल को गिरफ्तार कर लिया. इन सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया.

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कोर्ट में वकीलों की दलील और मिली जमानत

न्यायालय में आरोपियों की ओर से अधिवक्ता नमन मोहनोत और अधिवक्ता मनोज गहलोत ने पक्ष रखा. अधिवक्ता नमन मोहनोत ने बताया कि बचाव पक्ष की ओर से कोर्ट में जमानत याचिका प्रस्तुत की गई थी. दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने सभी पांचों आरोपियों को जमानत (Bail) पर रिहा करने के आदेश दिए.

सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद बनी थी SIT

गौरतलब है कि जोजरी नदी में औद्योगिक प्रदूषण और फैक्ट्रियों से निकलने वाले दूषित पानी को लेकर लंबे समय से शिकायतें सामने आ रही हैं. हाल ही में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने इस मामले पर कड़ी टिप्पणी करते हुए नाराजगी जताई थी. शीर्ष अदालत के सख्त रुख के बाद राज्य सरकार ने एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया. इसके बाद से ही पुलिस, राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण मंडल (RPCB) और अन्य संबंधित एजेंसियों ने अपनी जांच तेज कर दी है.

आगे और भी कार्रवाई संभव

जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि नदी प्रदूषण के लिए किन-किन औद्योगिक इकाइयों की मुख्य भूमिका रही है और पर्यावरणीय नियमों का उल्लंघन किस स्तर पर किया गया है. माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में एसआईटी इस मामले में कुछ और बड़ी कार्रवाइयां कर सकती है.

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