राजस्थान के जोधपुर में भीषण गर्मी और लगातार बढ़ती पानी की मांग के बीच जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है. रविवार (17मई) को शहर की पेयजल व्यवस्था को लेकर एक हाईलेवल संयुक्त समीक्षा बैठक हुई.

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इस बैठक में साफ संदेश दिया गया है कि अब पानी की चोरी, अवैध कनेक्शन, टैंकर डायवर्जन और जल माफियाओं की मनमानी को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. पानी की एक-एक बूंद पर अब प्रशासन की पैनी नजर रहेगी.

जिला कलक्टर आलोक रंजन और पुलिस आयुक्त शरत कविराज की मौजूदगी में हुई इस अहम बैठक में प्रशासन और पुलिस ने मिलकर पेयजल व्यवस्था को लेकर एक बड़ा एक्शन प्लान तैयार किया है. बैठक में पीएचईडी (PHED), पुलिस और नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी हिस्सा लिया.

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चलेगा जॉइंट ऑपरेशन, कटेगा अवैध कनेक्शन

बैठक में यह बात सामने आई कि अवैध जल दोहन और अनधिकृत कनेक्शनों के कारण आम लोगों तक पानी की सप्लाई गंभीर रूप से प्रभावित हो रही है. इस पर लगाम लगाने के लिए अब पुलिस और पीएचईडी की संयुक्त टीमें (Joint Teams) गठित की जाएंगी, जो अलग-अलग क्षेत्रों में सघन जांच अभियान चलाएंगी. अवैध तरीके से पानी भरने, मुख्य पाइपलाइन से चोरी करने और टैंकरों को गलत जगह डायवर्ट करने वालों के खिलाफ अब सीधी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

'पेयजल व्यवस्था में बाधा डालने वाले बख्शे नहीं जाएंगे'

पुलिस आयुक्त शरत कविराज ने स्पष्ट किया कि पेयजल व्यवस्था में किसी भी तरह का व्यवधान डालने वाले व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा.

  • CCTV से निगरानी: संवेदनशील इलाकों में विशेष पुलिस निगरानी रखी जाएगी.
  • हाइड्रेंट्स पर नजर: पानी की चोरी और अवैध भराव को रोकने के लिए हाइड्रेंट्स पर लगे सीसीटीवी कैमरों की लगातार मॉनिटरिंग की जाएगी.
  • त्वरित कार्रवाई: टैंकर संचालन से जुड़ी किसी भी शिकायत पर तुरंत पुलिस एक्शन लेगी.

हर घर तक पानी पहुंचाना सर्वोच्च प्राथमिकता

जिला कलक्टर आलोक रंजन ने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि गर्मी के इस पीक सीजन में आमजन को समय पर और पर्याप्त पानी उपलब्ध करवाना प्रशासन की सबसे बड़ी प्राथमिकता है. उन्होंने कहा कि शहर हो या ग्रामीण क्षेत्र, कहीं से भी पानी की समस्या की शिकायत पेंडिंग नहीं रहनी चाहिए. जहां भी जरूरत हो, वहां तुरंत अतिरिक्त टैंकर लगाए जाएं और सप्लाई की नियमित मॉनिटरिंग की जाए.

गर्मी से राहत देने के लिए कई क्षेत्रों में बूस्टर पम्प भी लगाए गए हैं और समर कंटिंजेंसी (Summer Contingency) के तहत स्वीकृत कार्यों को तेजी से पूरा किया जा रहा है.

प्रशासन की अपील- पानी बचाएं

प्रशासन ने आमजन से भी अपील की है कि वे पानी का आवश्यकतानुसार और पूरी जिम्मेदारी के साथ उपयोग करें. जिला कलक्टर ने कहा कि यदि हर नागरिक पानी बचाने में अपना सहयोग देगा, तभी पूरे जिले में संतुलित और सुचारू जलापूर्ति संभव हो सकेगी. गौरतलब है कि हर साल गर्मियों में जोधपुर में पानी की किल्लत एक बड़ा मुद्दा बन जाती है, ऐसे में प्रशासन का यह सख्त कदम आमजन के लिए बड़ी राहत साबित हो सकता है.

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