जोधपुर प्रदेश की तपती गर्मी के बीच राजनीति का पारा भी उबाल पर है. पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने नेताओं के बेटों को सियासत से दूर रखने को लेकर बयान दिया. इस बयान के बाद अब जुबानी जंग खुलकर सामने आ गई है. इस बीच जोधपुर दौरे पर आए विधि मंत्री जोगाराम पटेल ने गहलोत पर तंज कसा है. पटेल ने कहा कि जिनके घर शीशे के होते हैं, वो दूसरों पर पत्थर नहीं फेंकते.
इतना ही नहीं, उन्होंने गहलोत पर आरोप लगाया कि उन्होंने अपने पुत्र के लिए कई लोगों का हक छीना. चाहे जोधपुर संसदीय क्षेत्र हो, जालौर-सिरोही या फिर क्रिकेट. पटेल के बयान ने सीधे परिवारवाद के मुद्दे को हवा दे दी है. दिलचस्प बात ये रही कि तीखे हमले के बीच पटेल ने यह भी कहा कि फिर भी वो हमारे हैं. यानी सियासत में तल्खी के साथ रिश्तों की मर्यादा भी दिखाई दी.
सियासत से हटकर जनता के मुद्दे पर भी बोले मंत्री
राजनीतिक हमलों के बीच मंत्री जोगाराम पटेल ने पानी के संकट को लेकर भी चिंता जताई. उन्होंने माना कि हर साल की तरह इस बार भी मारवाड़ में पेयजल की किल्लत रहेगी, लेकिन सरकार ने इसके लिए पहले से तैयारी कर ली है.
न्याय व्यवस्था पर फोकस
मंत्री जोगाराम पटेल ने बार काउंसिल ऑफ राजस्थान में सदस्यों की संख्या बढ़ाने के मुद्दे पर कहा कि फिलहाल कोई प्रस्ताव नहीं आया है, लेकिन मामलों के जल्द निस्तारण और जजों की संख्या बढ़ाने पर काम जारी है.
जोधपुर से उठी ये सियासी चिंगारी अब पूरे राजस्थान की राजनीति में आग बनती दिख रही है. आने वाले दिनों में ये बयानबाजी और तीखी होने के संकेत साफ हैं. गौरतलब है कि पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कुछ दिन पूर्व मीडिया से बात करते हुए भ्रष्टाचार पर बयान दिया था.
अशोक गहलोत ने बयान में क्या कहा?
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा था कि सीएम, डिप्टी सीएम व मंत्री अपने बेटों को सरकार से दूर रखे नहीं तो सरकार की बदनामी होगी. जब चाहिए सरकार बनी है कई तरह के आरोप लग रहे हैं पता नहीं सरकार में बेटों को क्यों शामिल किया जा रहा है.
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