जोधपुर में अपराध के खिलाफ चल रही मुहिम के बीच एक ऐसा मामला सामने आया है, जिससे पुलिस विभाग की छवि को लेकर सवाल उठे हैं. कुड़ी भगतासनी थाना इलाके में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 7 एमएम बोर की अवैध पिस्टल और जिंदा कारतूस के साथ तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया, लेकिन गिरफ्तारी के बाद एक चौंकाने वाला तथ्य सामने आया.

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इस पूरे मामले में तीसरा आरोपी खुद जोधपुर पुलिस कमिश्नरेट का कांस्टेबल निकला. पुलिस विभाग में तैनात कांस्टेबल जब अवैध हथियार के मामले में गिरफ्तार हुआ, तो पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया.

पूर्व अपराधी के साथ पुलिसकर्मी

पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी अर्सलान उर्फ छोटू उर्फ खिलजी पहले भी आपराधिक गतिविधियों में लिप्त रह चुका है और उसके खिलाफ पहले भी आपराधिक मामले दर्ज हैं. उसी अर्सलान के साथ भोमसिंह भाटी उर्फ राजवीर उर्फ सुखसा और जोधपुर पुलिस कमिश्नरेट में तैनात कांस्टेबल रामप्रकाश की गिरफ्तारी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं.

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अवैध पिस्टल को लेकर उठे सवाल

इस मामले को लेकर कई गंभीर सवाल सामने आए हैं. बरामद अवैध पिस्टल और कारतूस को लेकर पुलिस अब यह जांच कर रही है कि हथियार कहां से लाया गया? इसका इस्तेमाल किस वारदात के लिए किया जाना था और सबसे अहम सवाल, एक पुलिसकर्मी का अपराधियों से क्या कनेक्शन था?

पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों से इन सभी सवालों के जवाब के लिए पूछताछ की जा रही है. पुलिस महकमा इस मामले की गहन जांच में जुट गया है. आरोपियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जा रही है.

मामले में एसीपी बोरानाडा ने दी यह जानकारी

मामले को लेकर एसीपी बोरानाडा आनंद सिंह राजपुरोहित ने कहा कि अवैध हथियारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी है और कानून से ऊपर कोई नहीं है, चाहे वह आम नागरिक हो या पुलिस विभाग का कर्मचारी. फिलहाल तीनों आरोपियों से गहन पूछताछ जारी है. आने वाले दिनों में इस मामले से जुड़े और भी पूछताछ के आधार पर आगे और तथ्य सामने आ सकते हैं.