राजस्थान के जालौर जिले के चितलवाना उपखंड क्षेत्र में एक बार फिर लूनी नदी में उफान आने से एक गांव पूरी तरह टापू में तब्दील हो गया. साथ ही आसपास के गांव सहित उपखंड मुख्यालय का संपर्क कट गया है. दरअसल, पावटा गांव में 1 महीने में दूसरी बार लूनी नदी का पानी पहुंचने से पूरा गांव टापू में तब्दील हो चुका है.

यहां के लोगों के खतरा बढ़ गया है क्योंकि चारों तरफ पानी ही पानी है. एक गांव से उपखंड मुख्यालय सहित अन्य जगहों पर जाने के लिए नदी के इस पानी को पार करने के अलावा कोई रास्ता नहीं है. 

हर साल लूनी नदी का पानी लोगों के लिए आफत बनता है

अजमेर जोधपुर पाली सहित कई इलाकों में बारिश के बाद लूनी नदी का पानी यहां पर पहुंचता है. यह गांव नदी के बहाव क्षेत्र के किनारे है, जिससे हर साल बारिश के दिनों में यहां लूनी नदी लोगों के लिए आफत बन जाती है.

इस साल बारिश अच्छी होने के चलते लूनी नदी में पानी आ गया. टांपी ग्राम पंचायत के पावटा गांव के चारों तरफ पानी आ जाने की वजह से 1 महीने बाद इस गांव में फिर से सभी संपर्क और सड़क मार्ग बंद हो गए.

लोगों के घरों में पानी घुस चुका है. करीब 100 घरों में लोग घरों से बाहर नहीं आ सकते. गांव की आबादी एक हजार के लगभग है, जो अपने घरों तक सीमित है. गांव में आने जाने के साधन बंद हैं और अगर राशन सामग्री लाना है तो इस पानी से होकर जाना पड़ता है.

इसके साथ ही पावटा गांव में लूनी नदी का पानी चारों तरफ फैल जाने से गांव के सभी रास्ते जलमग्न हो गए हैं. सरकारी विद्यालय सहित सभी रास्तों पर 5-6 फीट तक पानी भर चुका है, जिससे आवागमन और बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है. लाेग जान जोखिम में डालकर कहीं कमर तक तो कहीं घुटनों तक पानी में से गुजर कर पार करना पड़ता है.

कई घरों में पानी घुस गया है, लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक कोई राहत व्यवस्था नहीं की गई है. चितलवाना उपखंड के टांपी, दूठवा, होतीगांव, गलिफा, सुराचंद जैसे गांवों के मुख्य मार्ग भी बंद हो चुके हैं, जिससे लोग 80 किलोमीटर तक घूम कर मुख्यालय पहुंच रहे हैं.

एचएल भाटी की रिपोर्ट