जैसलमेर के बड़ाबाग क्षेत्र स्थित नगर परिषद डंपिंग यार्ड में बड़ी संख्या में मृत गोवंश खुले में पड़े मिलने से भारी हड़कंप मच गया है. डंपिंग यार्ड का दिल दहला देने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासन हरकत में आया. नगर परिषद ने लापरवाही बरतने वाले ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उसका ठेका रद्द कर फर्म को ब्लैकलिस्ट कर दिया है.

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इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब स्थानीय गोभक्त हाकमदान ने मौके का एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया. डंपिंग यार्ड में मृत गोवंश के शव खुले में पड़े होने के कारण पूरे क्षेत्र में भीषण दुर्गंध फैल गई थी और भयानक संक्रमण फैलने का खतरा पैदा हो गया था. पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक ने भी इस पूरे मामले को ठेकेदार की घोर लापरवाही करार दिया है.

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नगर परिषद का सख्त एक्शन, ठेकेदार ब्लैकलिस्ट

मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर परिषद आयुक्त लजपाल सिंह सोढ़ा ने तत्काल एक्शन लिया. मृत पशुओं के निस्तारण का काम देख रहे बाड़मेर निवासी ठेकेदार गोपाराम को 'कारण बताओ नोटिस' जारी किया गया. संतोषजनक जवाब न मिलने पर नगर परिषद ने वर्ष 2025-26 का ठेका तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया. ठेकेदार की धरोहर राशि जब्त कर ली गई है और उसकी फर्म को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है.

JCB से गड्ढे खुदवाकर 200 शवों का हुआ निस्तारण

ठेकेदार पर कार्रवाई के बाद नगर परिषद की टीम ने मौके पर पहुंचकर जेसीबी (JCB) की मदद से गहरे गड्ढे खुदवाए और करीब 150 से 200 मृत पशुओं का नियमानुसार निस्तारण करवाया. जांच में यह चौंकाने वाली बात सामने आई कि कई शव करीब एक से डेढ़ महीने पुराने थे, जिन्हें ठेकेदार ने यूं ही खुले में छोड़ दिया था.

'कचरा खाने से मौत' की अफवाहें खारिज

नगर परिषद आयुक्त लजपाल सिंह ने एक अहम स्पष्टीकरण भी दिया. उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर कुछ भ्रामक बातें फैलाई जा रही हैं कि इन पशुओं की मौत कचरा खाने से हुई है. उन्होंने स्पष्ट किया कि यह अफवाह गलत है; असल मामला सिर्फ ठेकेदार द्वारा मृत पशुओं के निस्तारण में बरती गई लापरवाही का था, जिस पर प्रशासन ने नियमानुसार सख्त कार्रवाई की है.

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