प्रधानमंत्री अभिम योजना के तहत राजस्थान का पहला क्रिटिकल केयर सेंटर राजधानी जयपुर में बनकर तैयार हो चुका है. हालांकि दो महीने पहले ही बनकर तैयार हो चुके इस क्रिटिकल केयर सेंटर की शुरुआत उद्घाटन के इंतजार में अभी तक नहीं हो सकी है.
राज्य में मौसमी बीमारियों व दूसरी वजहों से तमाम लोग बड़ी संख्या में बीमार होकर जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं, लेकिन इस क्रिटिकल केयर सेंटर में उनके इलाज के बजाय अभी उद्घाटन करने, फीता काटने और वाहवाही लूटने का इंतज़ार हो रहा है. इस क्रिटिकल केयर सेंटर को 24 करोड़ रुपए की लागत से तैयार किया गया है.
50 बेड का है क्रिटिकल केयर सेंटर
राजस्थान के इस पहले क्रिटिकल केयर सेंटर को राजधानी जयपुर की RUHS यानी राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ़ हेल्थ साइंसेज कैंपस में तैयार किया गया है. यह क्रिटिकल केयर सेंटर यूनिवर्सिटी के पार्ट के तौर पर काम करेगा. यह क्रिटिकल केयर सेंटर 50 बेड का है. इसमें महिलाओं और पुरुषों के लिए 10-10 बेड के स्पेशल आईसीयू वार्ड है. बच्चों के लिए अलग से आईसीयू वार्ड बनाया गया है.
इसमें बच्चों के स्पेशल ऑब्जरवेशन से लेकर, हादसों में गंभीर रूप से घायल लोगों के इलाज, गर्भवती महिलाओं की डिलीवरी और ऑपरेशन थिएटर से लेकर डायलिसिस तक की सुविधा है. लोगों के इलाज में जरूरी हाईटेक मेडिकल उपकरण यहां पर रखे गए हैं.
केंद्र सरकार देश के सभी राज्यों में तमाम जगहों पर इस तरह के क्रिटिकल केयर सेंटर का निर्माण करा रही है. इसका मकसद गंभीर रूप से बीमार मरीजों का बेहतर से बेहतर इलाज करना और उनका जीवन सुरक्षित करना है. पीएम अभिम योजना के तहत तैयार और बन रहे क्रिटिकल केयर सेंटर में बच्चों पर खास फोकस किया गया है.
केंद्र सरकार गंभीर मरीजों के लिए बना रही क्रिटिकल केयर सेंटर
RUHS कैंपस में तैयार यह राजस्थान का पहला क्रिटिकल केयर सेंटर है. इसके बाद कुछ अन्य जगहों पर भी इसी तरह से क्रिटिकल केयर सेंटर बनाए जा रहे हैं. इसकी प्रस्तावना साल 2022 में की गई थी. साल 2023 के आखिर में इसके लिए तकरीबन 24 करोड़ रुपए का बजट भी जारी कर दिया गया था. जिस एजेंसी को इस क्रिटिकल केयर सेंटर को तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई थी, उसे ही 3 सालों तक बिल्डिंग से लेकर उपकरणों की देखरेख करनी होगी.
राजस्थान का पहला केंद्र RUHS कैंपस में, 2 महीने पहले तैयार
एजेंसी को इस क्रिटिकल केयर सेंटर को करीब 19 महीने में तैयार करना था. हालांकि एजेंसी ने निर्धारित समय से 2 महीने पहले ही इसे पूरी तरह तैयार कर दिया है. यूनिवर्सिटी की तरफ से राज्य सरकार को करीब 2 महीने पहले ही यह जानकारी दे दी गई की क्रिटिकल केयर सेंटर बनकर तैयार हो चुका है और कभी भी लोकार्पण कर इसकी शुरुआत की जा सकती है.
उद्घाटन का इंतजार, केंद्रीय मंत्री या सीएम कर सकते हैं लोकार्पण
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक अभी तक यह तय नहीं हो सका है कि इसका उद्घाटन केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री द्वारा कराया जाएगा या फिर राजस्थान के सीएम भजनलाल शर्मा इसका लोकार्पण करेंगे. अगर यह क्रिटिकल केयर सेंटर तैयार होने के बाद ही दो महीने पहले शुरू हो जाता तो अब तक हजारों मरीजों का इलाज हो चुका होता. शायद कई ऐसे मरीजों को नई जिंदगी मिल जाती, जो दूसरे अस्पतालों में इलाज के दौरान जिंदगी की जंग हार गए.
विपक्ष की मांग, देरी छोड़े बिना तुरंत शुरू हो सुविधा
इस बारे में जब राज्य के स्वास्थ्य मंत्री केंद्र सिंह खींवसर से पूछा गया तो उन्होंने बार-बार यही दोहराया कि जल्द ही इसका उद्घाटन कर दिया जाएगा. हालांकि देरी होने के सवाल पर उनके पास कोई जवाब नहीं था. राज्य सरकार इसके उद्घाटन में हो रही को लेकर विपक्ष के निशाने पर आ गई है. राजस्थान विधानसभा में विपक्ष के नेता टीकाराम जूली का कहना है कि उद्घाटन का इंतजार किए बिना सेंटर को तुरंत शुरू कर दिया जाना चाहिए क्योंकि गंभीर हालत वाले मरीज को तत्काल प्रभाव से इलाज की जरूरत होती है.
इस क्रिटिकल केयर सेंटर को तैयार करने वाली एजेंसी के प्रोजेक्ट डायरेक्टर मनीष सैनी का कहना है कि इसे न सिर्फ वक्त से पहले तैयार किया गया है, बल्कि क्वालिटी का खास ध्यान रखा गया है. गंभीर हालत वाले मरीजों को इलाज में किसी तरह की दिक्कत ना हो, इसके मद्देनजर ही बिल्डिंग को तैयार किया गया है और साथ ही जरूरी उपकरण रखे गए हैं.
जयपुर के लोगों और दूसरे अस्पतालों में इलाज के लिए पहुंचे मरीजों के तीमारदारों ने भी इस क्रिटिकल केयर सेंटर को बेहद जरूरी बताते हुए इसे जल्द से जल्द शुरू की जाने की मांग की है. अब देखना यह होगा कि उद्घाटन की बाट जोह रहे इस क्रिटिकल केयर सेंटर का उद्घाटन कब होता है और इसमें गंभीर रूप से बीमार लोगों को कब से इलाज मिलना शुरू होता है.