जयपुर में एनएसयूआई के 3 कार्यकर्ताओं का पानी की टंकी पर चढ़कर किया जा रहा प्रदर्शन दूसरे दिन भी जारी है. पिछले करीब 32 घंटे से तीनों छात्र गांधीनगर रेलवे स्टेशन के बाहर स्थित पानी की टंकी पर डटे हुए हैं. शुक्रवार (31 जुलाई) को उन्होंने अपनी मांगों के समर्थन में अनशन भी शुरू कर दिया. छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी दोनों मांगों पर लिखित आश्वासन नहीं मिलेगा, तब तक वे नीचे नहीं उतरेंगे.

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टंकी पर चढ़े छात्रों में एनएसयूआई के यूनिवर्सिटी प्रभारी विजय पाल, कौशेन खान और छात्रा वियोना जाट शामिल हैं. तीनों राजस्थान यूनिवर्सिटी के छात्र हैं और गुरुवार सुबह करीब 7 बजे से टंकी पर बैठे हुए हैं. शुक्रवार सुबह से उन्होंने खाना-पीना भी छोड़ दिया है.

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क्या हैं प्रदर्शनकारियों की मांगें?

प्रदर्शनकारी छात्रों की मुख्य मांग है कि राजस्थान की यूनिवर्सिटीज और कॉलेजों में छात्रसंघ चुनाव फिर से शुरू किए जाएं. इसके साथ ही जंतर-मंतर पर हुए आंदोलन के दौरान पुलिस लाठीचार्ज की घटना को लेकर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के इस्तीफे की भी मांग की जा रही है. छात्रों का कहना है कि केवल मौखिक भरोसा नहीं, बल्कि लिखित आश्वासन मिलने के बाद ही वे अपना आंदोलन खत्म करेंगे.

छात्रों को सुरक्षित नीचे उतारने के लिए पुलिस और सिविल डिफेंस की टीमें लगातार मौके पर मौजूद हैं. टंकी के नीचे सुरक्षा के लिहाज से जाल (नेट) भी लगाया गया है, ताकि अगर कोई छात्र फिसल जाए या कूदने की कोशिश करे तो उसकी जान को खतरा न हो. हालांकि अब तक प्रशासन की सभी कोशिशें नाकाम रही हैं और छात्र टंकी से नीचे उतरने को तैयार नहीं हुए हैं.

ट्रैफिक पर असर, शाम को टीकाराम जूली करेंगे बातचीत

टंकी के नीचे बड़ी संख्या में एनएसयूआई कार्यकर्ता भी मौजूद हैं. प्रदर्शनकारियों ने काले कपड़े पहन रखे हैं और टंकी पर अपनी मांगों से जुड़े दो पोस्टर भी लगाए हैं. इस प्रदर्शन की वजह से ओवरब्रिज पर दोनों तरफ कई बार ट्रैफिक जाम की स्थिति भी बन रही है.

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इस बीच राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के शाम को मौके पर पहुंचकर छात्रों से बातचीत करने की संभावना है. माना जा रहा है कि उनकी मौजूदगी में आंदोलन खत्म कराने और छात्रों को सुरक्षित नीचे उतारने का कोई समाधान निकल सकता है.