राजस्थान की राजधानी जयपुर में 'लव जिहाद' और 'लैंड जिहाद' के बाद अब 'किन्नर जिहाद' को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है. किन्नर अखाड़े के संस्थापक ऋषि अजय दास और दुनिया की पहली किन्नर जगतगुरु हिमांगी सखी ने पिंक सिटी में मीडिया के सामने सनातनी किन्नरों के उत्पीड़न और जबरन धर्म परिवर्तन के गंभीर आरोप लगाए हैं.
जगतगुरु हिमांगी सखी ने जयपुर की पीड़ित किन्नरों (तनीषा और रूबी) को मीडिया के सामने पेश करते हुए आरोप लगाया कि मुस्लिम समुदाय के लोग 'फर्जी किन्नर' बनकर सनातनी किन्नरों का हक मार रहे हैं. उन्होंने दावा किया कि मुस्लिम गुरुओं द्वारा हिंदू किन्नरों पर मांस खाने, कलमा पढ़ने और धर्म परिवर्तन करने का दबाव बनाया जा रहा है. विरोध करने पर उनके साथ शारीरिक हिंसा और मानसिक उत्पीड़न किया जाता है.
'गोमूत्र' से पहचान की अनोखी सलाह
ऋषि अजय दास और हिमांगी सखी ने सनातन धर्म को मानने वाले परिवारों को आगाह करते हुए एक विवादित सलाह दी है. उन्होंने कहा कि शुभ अवसरों पर बधाई मांगने आए किन्नरों की पहचान के लिए उन्हें 'गोमूत्र' का प्रसाद दें. उनके अनुसार, "मुस्लिम किन्नर कभी गोमूत्र नहीं पिएगा, जिससे यह स्पष्ट हो जाएगा कि वह सनातनी नहीं है." उन्होंने अपील की कि लोग दान-पुण्य केवल अपने ही धर्म के किन्नरों को दें, क्योंकि जिहादी मानसिकता के लोग इस पैसे का इस्तेमाल राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में कर सकते हैं.
पुलिस और सरकार से हस्तक्षेप की मांग
पीड़ित किन्नरों ने बताया कि उन्होंने दो साल पहले भी धार्मिक भेदभाव को लेकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी. किन्नर अखाड़े ने मांग की है कि हर जिले और थाने स्तर पर किन्नरों की सूची (Database) तैयार की जाए, सूची में किन्नर की जाति और धर्म का स्पष्ट उल्लेख होना चाहिए. फर्जी किन्नरों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो.
'भिक्षाटन' बनाम 'भीख': धार्मिक तर्क
हिमांगी सखी ने कहा कि सनातन धर्म में किन्नरों को 'उपदेवता' का दर्जा प्राप्त है और वे 'भिक्षाटन' करते हैं, जबकि इस्लाम में किन्नर या दान लेने का कोई धार्मिक आधार नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि मुस्लिम 'हिजड़े' संगठित तरीके से मोटी कमाई कर रहे हैं और यह पैसा विदेशों में भेजा जा रहा है.
बड़े आंदोलन की तैयारी
इस मुहिम को विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल और स्थानीय समुदायों ने अपना समर्थन दिया है. ऋषि अजय दास ने घोषणा की है कि वे जल्द ही प्रयागराज के माघ मेले में जाकर संत समाज से इस 'किन्नर जिहाद' के खिलाफ आवाज उठाने की अपील करेंगे. उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि यदि पहचान सुनिश्चित नहीं की गई, तो किन्नर समाज सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगा.