राजस्थान की राजधानी जयपुर स्थित हरिदेव जोशी पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में उस वक्त माहौल गर्म हो गया, जब बड़ी संख्या में पहुंचे छात्रों ने कार्यक्रम के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी. मामला बुधवार को आयोजित हुए दीक्षांत समारोह का है, जो राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर के ऑडिटोरियम में आयोजित किया गया था.

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दीक्षांत समारोह को लेकर यूनिवर्सिटी प्रशासन ने पहले से ही सभी सफल छात्रों को परिवार के साथ आने का निमंत्रण दिया था. साथ ही पारंपरिक भारतीय परिधान में आने की भी अनिवार्यता रखी गई थी. छात्रों को कुर्ता-पायजामा और छात्राओं को साड़ी पहनकर आने को कहा गया था.

करीब 275 छात्रों को डिग्री दी जानी थी, इसलिए सभी छात्र उत्साह के साथ कार्यक्रम में पहुंचे. लेकिन जब समारोह शुरू हुआ, तो मंच से केवल मेडल पाने वाले करीब 10 छात्रों को ही डिग्री दी गई. बाकी छात्रों को मंच पर बुलाया ही नहीं गया.

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छात्रों में नाराजगी और विरोध

कार्यक्रम में मौजूद छात्रों का कहना था कि अगर मंच से सभी को डिग्री नहीं देनी थी, तो उन्हें परिवार के साथ बुलाने और ड्रेस कोड लागू करने का क्या मतलब था.

छात्रों ने आरोप लगाया कि यह उनके साथ भेदभाव और अपमान जैसा व्यवहार है. जैसे ही कार्यक्रम खत्म हुआ और मुख्य अतिथि समेत अधिकांश मेहमान चले गए, छात्रों ने जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी. स्थिति को संभालने के लिए प्रशासन को दखल देना पड़ा.

मुख्य अतिथि और वीआईपी की मौजूदगी

इस समारोह में राज्यपाल और विश्वविद्यालय के चांसलर हरिभाऊ बागडे मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद थे. वहीं राज्य के डिप्टी सीएम प्रेम चंद बैरवा विशिष्ट अतिथि के तौर पर शामिल हुए. हालांकि, कार्यक्रम के दौरान लंबे भाषणों के बाद समारोह समाप्त कर दिया गया, जिससे छात्रों में नाराजगी और बढ़ गई.

हंगामे के बाद बदला फैसला

जब छात्रों का विरोध बढ़ने लगा, तो यूनिवर्सिटी प्रशासन ने तुरंत कदम उठाया. डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा को दोबारा मंच पर बुलाया गया और उसके बाद एक-एक कर छात्रों को डिग्री दी जाने लगी. हालांकि तब तक छात्रों में गुस्सा साफ तौर पर नजर आ रहा था.

इस पूरे घटनाक्रम के बीच एक छात्रा सारा इस्माइल का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया. जब सारा इस्माइल को डिग्री लेने के लिए मंच पर बुलाया गया, तो उन्होंने गुस्से में कहा, “एचजेयू का बेइज्जती करने के बाद इज्जत देने का बहुत-बहुत शुक्रिया.” यह कहते हुए उन्होंने अपने हाथ भी झटक दिए. करीब 15 सेकंड का यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है.

वहीं छात्रों ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि यूनिवर्सिटी का रवैया पूरी तरह गलत था. छात्रों ने हजारों रुपये खर्च करके नए कपड़े बनवाए थे और अपने परिवार के साथ इस खास दिन को सेलिब्रेट करने आए थे. उनका कहना था कि अगर सभी को मंच से डिग्री नहीं देनी थी, तो पहले ही साफ कर देना चाहिए था.

इस पूरे विवाद ने अब सोशल मीडिया पर भी जोर पकड़ लिया है. लोग इस घटना को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रिया दे रहे हैं. कुछ लोग छात्रों के समर्थन में हैं, तो कुछ इसे प्रशासन की लापरवाही बता रहे हैं. फिलहाल, यह मामला विश्वविद्यालय की कार्यशैली और आयोजन व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर रहा है.