जयपुर के मालवीय नगर स्थित चार मंजिला नूरानी मस्जिद को आज सरकारी बुलडोजरों के जरिए जमींदोज किया जा रहा है. बुलडोजर एक्शन सुबह करीब सात बजे शुरू हुआ है. इस दौरान पूरा इलाका पुलिस छावनी में तब्दील है. मस्जिद के साथ ही चार अन्य धार्मिक स्थलों को गिराए जाने की कार्रवाई के मद्देनजर जयपुर शहर में आधी रात से ही इंटरनेट सेवाओं को 24 घंटे के लिए बंद कर दिया गया है.
इसके साथ ही पूरे शहर में बीएनएस की धारा 163 भी लागू कर दी गई है. नूरानी मस्जिद में कल रात ईशा की नमाज के बाद ताला बंद कर दिया गया था. आज सुबह कार्रवाई के दौरान मस्जिद से जुड़ा कोई भी शख्स वहां मौजूद नहीं था. मस्जिद कमेटी के साथ ही कांग्रेस के दो विधायकों ने बुलडोजर एक्शन को लेकर सवाल उठाए हैं और इसे गलत करार दिया है. कहा गया है कि यह कार्रवाई मनमाने तरीके से की जा रही है.
सड़क चौड़ीकरण के चलते जारी है बुलडोजर कार्रवाई
मस्जिद बचाने को लेकर कल शाम मुस्लिम मुसाफिर खाने में सामूहिक तौर पर दुआ का आयोजन भी किया गया था. नूरानी मस्जिद 45 साल पहले 1981 में तामील कराई गई थी. सड़क चौड़ीकरण की वजह से यहां आस-पास के अन्य निर्माणों को पहले ही तोड़ दिया गया था. आज नूरानी मस्जिद के साथ ही एक मजार, एक सत्संग भवन और दो छोटे मंदिरों पर भी बुलडोजर चलाया जाना है.
बुलडोजर एक्शन के मद्देनजर करीब आधा किलोमीटर एरिया को बैरिकेड कर दिया गया है. आधी रात से ही यहां किसी के आने-जाने पर अघोषित तौर पर रोक लगा दी गई है. मीडिया को भी करीब 300 मीटर पहले बैरिकेडिंग लगाकर एक जगह रोक दिया गया है. बुलडोजर कार्रवाई शाम तक चलने की उम्मीद है. हालांकि अभी तक की कार्रवाई शांतिपूर्वक तरीके से चल रही है. बुलडोजर एक्शन के चलते कल शहर में कई जगहों पर सुरक्षाबलों का फ्लैग मार्च भी कराया गया था.
अफवाह फैलाने वालों पर होगी कार्रवाई
बुलडोजर की यह कार्रवाई जयपुर विकास प्राधिकरण द्वारा की जा रही है. प्राधिकरण का कहना है कि यह मस्जिद लीज की जमीन पर अवैध तरीके से बनाई गई थी, जबकि मस्जिद कमेटी की दलील है कि उन्होंने 1981 में हाउसिंग सोसाइटी से जमीन खरीद कर निर्माण कराया था. प्रशासन ने साफ तौर पर कहा है कि अगर इस मामले को लेकर किसी ने भी अफवाह फैलाई या गड़बड़ी करने की कोशिश की तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
सोशल मीडिया की भी सख्त निगरानी की जा रही है. प्रशासन ड्रोन कैमरा के जरिए भी आसपास के इलाके पर नजर बनाए हुआ है. अफवाहों को रोकने के लिए ही इंटरनेट सेवाएं 24 घंटे के लिए बंद की गई हैं.
