राजस्थान के जयपुर में तुलसी पीठाधीश्वर जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर एक बार फिर तीखा हमला बोला है. गुरुवार को उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी अब सिर्फ नाम की बनर्जी हैं, उनकी राजनीति पूरी तरह से मुसलमानों के समर्थन और तुष्टिकरण पर टिक गई है. उनका कहना था कि बंगाल में हिंदुओं की भावनाओं और अधिकारों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है.
ममता बनर्जी को लेकर उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ममता पूरी तरह से मुसलमानों का समर्थन कर रही हैं. वह बस नाम के लिए ही बनर्जी हैं. उनका कहना था कि ममता की राजनीति अब वोट बैंक के इर्द-गिर्द घूमती है, जहां हिंदुओं की भावनाओं की कोई कीमत नहीं रह गई.
“अब बहन नहीं, गद्दारों की बहन”
इससे पहले बंगाल में बन रही बाबरी मस्जिद के मुद्दे पर भी रामभद्राचार्य मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को घेर चुके हैं. उन्होंने कहा था, “मैं अब ममता बनर्जी को बहन नहीं कह सकता. वह हमारी बहन नहीं रहीं. अब तो वह गद्दारों की बहन हैं.”
उन्होंने आरोप लगाया कि ममता का झुकाव उन लोगों की तरफ है जिन्होंने इतिहास में हिंदुओं पर अत्याचार किए. रामभद्राचार्य ने जयचंद, मानसिंह, मोहम्मद गोरी, चंगेज खान और महमूद गजनवी जैसे नाम गिनाते हुए कहा कि ऐसे लोगों की मानसिकता का समर्थन करने वालों से उनका कोई नाता नहीं हो सकता.
जगदगुरु रामभद्राचार्य ने कहा, "ममता बनर्जी कान खोलकर सुनिए, हमें किसी भी मस्जिद के बनने से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन बाबर ने हमारे देश में आक्रमण किया था, उसके नाम से मस्जिद नहीं बन सकती है."
रामभद्राचार्य के इन बयानों के बाद राजनीति में हलचल तेज हो गई है. समर्थक इसे हिंदू भावनाओं की आवाज बता रहे हैं, जबकि विरोधी इसे चुनावी बयानबाजी करार दे रहे हैं. आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक घमासान और तेज होने के संकेत हैं.