हनुमानगढ़ जिले के टिब्बी क्षेत्र में प्रस्तावित एथेनॉल फैक्ट्री के खिलाफ चल रहा किसान आंदोलन अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है. बुधवार (11 फरवरी) को तलवाड़ा में आयोजित चौथी महापंचायत में हजारों किसानों ने हुंकार भरते हुए सरकार को खुला अल्टीमेटम दिया है. किसान नेताओं ने साफ कर दिया है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे जयपुर पहुंचकर मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे.
महापंचायत में किसान नेताओं ने ऐलान किया कि आगामी 23 मार्च को टिब्बी में एक अंतिम और निर्णायक महापंचायत होगी. यदि इस तारीख तक सरकार ने फैक्ट्री का एमओयू (MoU) रद्द नहीं किया और आंदोलनकारी किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस नहीं लिए, तो इसके बाद हजारों की संख्या में किसान जयपुर के लिए कूच करेंगे. किसानों का कहना है कि वे किसी भी कीमत पर यहां फैक्ट्री नहीं लगने देंगे.
छावनी बना तलवाड़ा, इंटरनेट बंद
महापंचायत के दौरान प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर नजर आया. कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर 700 से अधिक पुलिसकर्मियों का भारी जाब्ता तैनात किया गया था. प्रशासन ने एहतियात बरतते हुए क्षेत्र में धारा 163 (पूर्व में धारा 144) लागू कर दी और इंटरनेट सेवाएं भी बंद रखीं, ताकि किसी भी प्रकार की अफवाह न फैल सके.
हाईकोर्ट से किसानों को बड़ी राहत
आंदोलन के बीच किसानों के लिए राहत भरी खबर हाईकोर्ट से आई है. कोर्ट ने 10 दिसंबर को फैक्ट्री परिसर में हुई तोड़फोड़ और आगजनी को लेकर किसानों पर दर्ज एफआईआर में आगे की कार्रवाई पर रोक लगा दी है. हाईकोर्ट ने पुलिस को निर्देश देते हुए स्पष्ट कहा कि एक ही घटना के लिए दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज करना कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग है. इस फैसले से आंदोलनकारी किसानों में नया जोश भर गया है.
फिलहाल क्षेत्र में स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में है. प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है, वहीं किसान भी अपनी मांगों पर अडिग हैं.
