राजस्थान हाई कोर्ट ने RPSC द्वारा आयोजित एसआई भर्ती परीक्षा 2021 को रद्द कर दिया है. इसी के साथ उन सभी की नियुक्ति भी रद्द हो गई है जिन्हें इस एग्जाम में पास होने के बाद नौकरी मिली थी. राजस्थान की राजनीति में लंबे समय से यह एक गंभीर मुद्दा बना हुआ था. इसी को लेकर अब सीएम भजनलाल शर्मा के कैबिनेट मंत्री किरोड़ीलाल मीणा और विपक्षी दल राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) चीफ हनुमान बेनीवाल में तीखी बहस हो गई. 

दरअसल, यह बहस एक टीवी चैनल के लाइव डिबेट शो में हुई, जिसमें दोनों नेता फोन के माध्यम से जुड़े हुए थे. RLP प्रमुख हनुमान बेनीवाल ने आरोप लगाया कि राजस्थान सरकार लंबे समय तक इस मामले को दबाने की कोशिश करती आई है. वहीं, किरोड़ी लाल मीणा ने इस आरोप का पूरी तरह खंडन किया.

किरोड़ी लाल मीणा पर बिफरे हनुमान बेनीवालबहस इतनी बढ़ गई कि दोनों नेताओं ने एक दूसरे के खिलाफ तीखे शब्दों का इस्तेमाल शुरू कर दिया. डिबेट में 'बिकाऊ' और 'फर्जी आदमी' जैसे शब्द बोले गए. माहौल बिल्कुल गर्म हो गया और दोनों ही नेता एक दूसरे से उखड़े नजर आए.

पहले विरोध और फिर समर्थन में रही बीजेपीराजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 में एसआई भर्ती परीक्षा एक अहम राजनीतिक मुद्दा बनकर उभरा था. जब बीजेपी विपक्ष में थी, तब उसने इसे अपना प्रमुख चुनावी मुद्दा बनाया था, लेकिन सरकार बनने के बाद वह इस परीक्षा को रद्द करने का विरोध कर रही थी. 

बता दें, राजस्थान हाई कोर्ट ने पेपर लीक के मद्देनजर विवादास्पद ‘पुलिस एसआई भर्ती परीक्षा-2021’ गुरुवार (28 अगस्त) को रद्द कर दी. जस्टिस समीर जैन की सिंगल बेंच ने विस्तृत फैसला सुनाते हुए 2021 की यह भर्ती परीक्षा निरस्त की. 

859 पदों पर हुई थी एसआई भर्ती परीक्षाआरपीएससी ने 859 पदों के लिए एसआई भर्ती परीक्षा आयोजित की थी, जिसका एग्जाम सितंबर 2021 में हुआ. इसके बाद फिजिकल टेस्ट और इंटरव्यू होते-होते दो साल और बीत गए और फाइनल नियुक्ति जून 2023 में मिली. इसके बाद से ही राजस्थान सरकार और विपक्षी दलों में पेपर लीक के मुद्दे पर राजनीति तेज हो गई. 

जांच के बाद पेपर लीक के आरोप सही पाए गए और कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया. इसमें पेपर खरीदने वाले अभ्यर्थी भी शामिल थे, जिनकी नियुक्तियां तुरंत रद्द की गईं.