भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले क्रिकेट मैच को लेकर विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों पर केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने भी अपनी बात रखी. उन्होंने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि खेल को खेल की भावना से खेला जाना चाहिए. साथ ही कहा कि पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय खेल संस्थाओं का सदस्य है, इसलिए उससे दूरी बनाना संभव नहीं है.

हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि राष्ट्रहित सर्वोपरि है और भारत किसी भी स्थिति में अपने हितों से समझौता नहीं करेगा. विपक्ष लगातार सरकार पर आरोप लगा रहा है कि पाकिस्तान के साथ किसी भी तरह का खेल आयोजन नहीं होना चाहिए, वहीं क्रिकेट प्रेमियों में मैच को लेकर उत्साह चरम पर है.

ज्ञान और सभ्यता का वैश्विक केंद्र रहा है भारत

मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने भारत की प्राचीन सांस्कृतिक धरोहरों पर भी जोर देते हुए कहा कि भारत सदियों से ज्ञान और सभ्यता का वैश्विक केंद्र रहा है. देश में लाखों की संख्या में दुर्लभ पांडुलिपियां मौजूद हैं. जिनमें वेद, आयुर्वेद, खगोल विज्ञान, दर्शन, योग और कला सहित अनेक विषयों पर अमूल्य जानकारी दर्ज है. समय के साथ इनकी स्थिति बिगड़ रही है, इसलिए इन्हें सुरक्षित करना और डिजिटल तकनीक से दुनिया के सामने लाना अत्यंत आवश्यक है.

ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड की जा चुकी लाखों पांडुलिपियां

शेखावत ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से संस्कृति मंत्रालय ने 'ज्ञानवार्तम' मिशन की शुरुआत की है. इस मिशन के तहत देशभर में बिखरी पांडुलिपियों का संरक्षण, डिजिटलीकरण और शोध किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि अब तक लाखों पांडुलिपियां ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड की जा चुकी हैं और जल्द ही यह संख्या 10 लाख तक पहुंच जाएगी.

पर्यटन क्षेत्र को मिल रही नई उड़ान

संस्कृति और पर्यटन मंत्री ने बताया कि देश में आधारभूत ढांचे के विकास से पर्यटन क्षेत्र को जबरदस्त गति मिली है. केवल पिछले एक वर्ष में घरेलू पर्यटन की संख्या लगभग 250 करोड़ तक पहुंची है, जो देश की कुल आबादी से भी अधिक है. नए हवाई अड्डों, रेलवे स्टेशनों और आधुनिक ट्रेनों ने यात्रा को आसान और सुविधाजनक बनाया है.

शेखावत ने कहा कि भारत की विविध संस्कृति, धार्मिक स्थल, प्राकृतिक सौंदर्य और आधुनिक सुविधाएं मिलकर देश को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर एक अग्रणी स्थान दिला रही हैं. उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में भारत पर्यटन और सांस्कृतिक धरोहरों के क्षेत्र में दुनिया का मार्गदर्शन करेगा.