राजस्थान के डूंगरपुर जिले में 'विश्व आदिवासी दिवस' के पर्व को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है. आमजन की सुरक्षा और जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की गई हैं. पुलिस ने स्पष्ट किया है कि त्योहार के दौरान किसी भी प्रकार की असामाजिक और आपराधिक गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

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पुलिस विभाग के मुताबिक, जिले के प्रमुख मार्गों और संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है. पूरे जिले में करीब 40 से 50 स्थानों पर कड़ी नाकाबंदी की जाएगी. प्रमुख चौराहों पर सीसीटीवी कैमरों के अलावा, नाकाबंदी वाले स्थानों पर ट्राइपॉड कैमरों और आसमान से ड्रोन (Drones) के जरिए निगरानी की जाएगी. इसके साथ ही पुलिस के गश्ती वाहनों में डैशकैम (Dashcam) लगाए गए हैं, जो आने-जाने वाले संदिग्ध लोगों और वाहनों की वीडियो रिकॉर्डिंग करेंगे.

'ऑपरेशन संस्कार' के तहत होगी सख्त कार्रवाई

पुलिस द्वारा रिकॉर्ड किए गए वीडियो फुटेज का समय-समय पर विश्लेषण किया जाएगा. यदि फुटेज में कोई व्यक्ति असामाजिक या आपराधिक गतिविधियों में लिप्त पाया जाता है, तो उसके खिलाफ पुलिस द्वारा ‘ऑपरेशन संस्कार’ के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

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SP की अपील: संदिग्ध गतिविधि दिखें तो वीडियो बनाकर इस नंबर पर भेजें

डूंगरपुर पुलिस अधीक्षक (SP) मनीष कुमार ने आम जनता से भी सहयोग की अपील की है. उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति द्वारा छेड़छाड़, डराने-धमकाने या अन्य कोई अवांछनीय गतिविधि की जाती है, तो सुरक्षित तरीके से उसकी वीडियो रिकॉर्डिंग कर लें. यह वीडियो पुलिस द्वारा जारी किए गए 'तीसरी आंख' व्हाट्सएप नंबर: 8690180022 पर भेजा जा सकता है.

पुलिस ने यह भरोसा दिलाया है कि सूचना और वीडियो भेजने वाले व्यक्ति का नाम और मोबाइल नंबर पूरी तरह से गोपनीय रखा जाएगा. पुलिस प्राप्त वीडियो और साक्ष्यों के आधार पर असामाजिक तत्वों को चिह्नित कर सीधे एक्शन लेगी.