राजस्थान के डूंगरपुर के कोतवाली थाना क्षेत्र से एक दर्दनाक घटना सामने आई है, यहां दो मासूम बच्चियों की तालाब में डूबने से असमय मौत हो गई है. घटना की सूचना पर स्थानीय पुलिस टीम मौके पर पहुंची, पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है. यह घटना डूंगरपुर के कोतवाली थाना क्षेत्र के मांडवा खापड़ा गांव की है. घटना के बाद से पूरे इलाके में मातम पसर गया है.
मिली जानकारी के अनुसार, रविवार को मांडवा खापड़ा निवासी 12 वर्षीय उषा पुत्री राजू कोटेड और नैना पुत्री दशरथ खराड़ी, गांव के पास ही स्थित घाटी तालाब के समीप बकरियां चराने गई थीं. बकरियां चराने के दौरान दोनों बालिकाएं तालाब में बने करीब 15 फीट गहरे गड्ढे में, जिसमें पानी भरा हुआ था, अचानक अनियंत्रित होकर गिर गईं और गहरे पानी में डूब गईं. घटना की भनक लगते ही मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई.
NEET परीक्षा में बुर्का पहन कर पहुंची छात्रा को रोकने पर बवाल, कांग्रेस-BJP आमने-सामने
डॉक्टरों ने दोनों बच्चियों को किया मृत घोषित
घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस और सिविल डिफेंस के प्रभारी रवि परमार अपनी टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे. ग्रामीणों की तत्परता और सिविल डिफेंस की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद दोनों बालिकाओं को पानी से बाहर निकाला. आनन-फानन में दोनों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन अफसोस! वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद दोनों मासूमों को मृत घोषित कर दिया.
पुलिस ने शुरू की मामले की जांच पड़ताल
पुलिस ने दोनों शवों को जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है और मामले की जांच शुरू कर दी है. बताया जा रहा है कि मृतका नैना सातवीं कक्षा में और उषा आठवीं कक्षा में पढ़ती थी. इन दोनों मासूमों की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे मांडवा खापड़ा गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है. ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न हो इसके लिए ग्रामीणों ने जलाशयों के पास सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की मांग की है.
जयपुर: महज 1 मिनट की देरी पड़ी भारी, NEET परीक्षा में छात्रा को नहीं मिली एंट्री; गेट पर रोती रही
