राजस्थान के डीग जिले के पहाड़ी ब्लॉक में सरकारी योजना 'राजीविका' (RGAVP) से जुड़ी सैकड़ों महिलाओं के साथ धोखाधड़ी का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया है. आरोप है कि राजीविका के जिला प्रबंधकों ने एक शातिर ठग के साथ मिलकर महिलाओं को रोजगार का सपना दिखाया और उनसे करोड़ों रुपये हड़प लिए. हालात इतने बदतर हो गए हैं कि ठगी की शिकार महिलाएं अब सामूहिक आत्महत्या करने जैसा आत्मघाती कदम उठाने को मजबूर हैं.

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पहाड़ी थाने में दर्ज एफआईआर के अनुसार, राजीविका के जिला प्रबंधक (DMJB) निखिल और लाइव नॉन फार्म प्रबंधक (DMNF) रिछा यादव ने इस पूरी ठगी की पटकथा बुनी. उन्होंने महिलाओं को अपने भरतपुर स्थित कार्यालय बुलाकर शिव सिन्हा नाम के एक व्यक्ति और उसकी पत्नी पूनम सिन्हा से मिलवाया. अधिकारियों ने महिलाओं को भरोसा दिलाया कि शिव सिन्हा उन्हें बड़े रोजगार दिलाने में मदद करेगा.

मशीनें लगाने का लालच देकर वसूले करोड़ों रुपये

आरोपियों ने महिलाओं को सैनिटरी पैड बनाने, चूड़ियों पर नग लगाने, अगरबत्ती बनाने और साड़ियों पर स्टोन वर्क की मशीनें लगाने का प्रलोभन दिया. पीड़िता प्रीति ने बताया कि उनसे साड़ियों पर स्टोन लगाने की मशीन के नाम पर 4 लाख 60 हजार रुपये लिए गए. सोनवती नाम की महिला से 7 लाख रुपये वसूले गए, लेकिन उन्हें मशीन के नाम पर केवल कुछ टूटे-फूटे पुर्जे थमा दिए गए. लगभग 30 महिलाओं से अप्रैल महीने से अब तक करोड़ों रुपये ऑनलाइन और नकद ऐंठ लिए गए और अब ये सभी आरोपी फरार हैं.

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घर गिरवी रखा, अब मौत का डर- बबली की दर्दनाक दास्तां

ठगी का सबसे खौफनाक चेहरा पीड़िता बबली की कहानी में दिखता है. बबली ने बताया, "मुझसे कहा गया कि महीने की 70 हजार रुपये की कमाई होगी. मैंने अपने पति को बिना बताए अपना घर 6 लाख रुपये में गिरवी रख दिया. अब घर का मालिक पैसे मांग रहा है, जमीन हमारे पास है नहीं और तीन बच्चों के साथ हम सड़क पर आ गए हैं." बबली और उनके मजदूर पति ने आज हताशा में सुसाइड की कोशिश भी की, लेकिन किसी तरह उन्हें बचाया गया.

चुपचाप कर्ज लेकर फंसी महिलाएं

पहाड़ी ब्लॉक की कई महिलाओं ने ब्याज पर पैसे उठाकर या अपने जेवर गिरवी रखकर इन ठगों को दिए थे. अब उन्हें डर सता रहा है कि यदि उनके पतियों को इस कर्ज के बारे में पता लगा, तो उन्हें घर से निकाल दिया जाएगा. जिला कार्यालय में कॉल करने पर भी महिलाओं को कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा है.

पुलिस की कार्रवाई

पहाड़ी थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. पुलिस फरार आरोपी शिव सिन्हा, उसकी पत्नी और राजीविका के अधिकारियों की तलाश में जुटी है. इस घटना ने सरकारी योजनाओं के नाम पर होने वाली विभागीय मिलीभगत और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.