राजस्थान की हवा महल सीट से विधायक और बीजेपी के फायर ब्रांड नेता बालमुकुंद आचार्य ने विवादित बयान दे दिया. उन्होंने आम जनता उन्नयन पार्टी के अध्यक्ष और पश्चिम बंगाल के विधायक हुमायूं कबीर की जुबान काटने की धमकी दे दी. उन्होंने साफ तौर पर कहा कि अगर हुमायूं कबीर गाय और ऊंट को काटने की कोशिश करेंगे या बयानबाजी करेंगे तो उनकी जबान काट दी जाएगी.
जानवरों की कुर्बानी को बताया गलत
बालमुकुंद आचार्य ने कहा कि अगर हुमायूं कबीर को गायों पर दिए गए बयान शोभा देते हैं तो उनकी जबान काटने वाली बात भी कतई गलत नहीं है. जयपुर शहर की हवा महल सीट से बीजेपी के विधायक बालमुकुंद आचार्य ने बकरीद पर जानवरों की कुर्बानी को भी पूरी तरह से गलत बताया है.
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'केक काटकर कुर्बानी की रस्म अदा करनी चाहिए'
बीजेपी विधायक ने कहा कि मुस्लिम समुदाय के लोगों को बकरीद के त्योहार पर जीवों की हत्या करने की बजाय केक काटकर कुर्बानी की रस्म अदा करनी चाहिए. केक काटकर ही त्यौहार की खुशियां मनानी चाहिए. उनके मुताबिक जिस भी जानवर की कुर्बानी दी जाती है, उसकी भी मां और परिवार के दूसरे लोग होते हैं. ऐसे में यह सोचना चाहिए कि उन्हें भी तकलीफ होती होगी और उनका भी दिल दुखता होगा.
'सभी जीवों को अपना जीवन जीने का अधिकार'
विधायक का कहना है कि सभी जीवों को अपना जीवन जीने का अधिकार है. किसी की हत्या करके खुशियां नहीं मिल सकती हैं. उन्होंने कहा कि मुस्लिम समुदाय के लोगों को इस बारे में जरूर सोचना चाहिए. उन्हें जानवरों की कुर्बानी के बजाय केक काट लेना चाहिए. उन्होंने कहा, "मुस्लिम समुदाय के लोगों को मेरी यह सलाह है. इसे मानना या ना मानना उन पर निर्भर करता है."
'सड़कों पर नमाज अदा किया जाना पूरी तरह गलत'
बालमुकुंद आचार्य ने बकरीद और दूसरे मौकों पर सड़कों पर नमाज अदा किए जाने को भी पूरी तरह गलत बताया है. उन्होंने कहा कि सड़कों पर नमाज होने से कई बार एंबुलेंस फंस जाती हैं. लोगों को सही वक्त पर इलाज नहीं मिल पाता और लोगों की जान चली जाती है. उन्होंने कहा कि यूपी की योगी सरकार ने इस बारे में सही फैसला लिया है. हालांकि उन्होंने राजस्थान में नियम बनाकर रोक लगाए जाने के सवाल पर साफ तौर पर कुछ नहीं कहा. उन्होंने कहा कि लोगों को त्यौहार मनाने की छूट है. लेकिन इससे दूसरे लोगों को दिक्कत नहीं होनी चाहिए. आपस में बातचीत करके भी इस समस्या का रास्ता निकाला जा सकता है. लेकिन सड़कों पर नमाज कतई जायज नहीं है.
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