राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के माण्डल तहसील क्षेत्र के ग्राम सेमलिया में मेजा बांध के पेटे में स्थित एक गहरे गड्ढे ने रविवार (29 मार्च) को दो मौतों से हड़कंप मच गया. यह दर्दनाक हादसा इतना हृदयविदारक था कि जिसने भी सुना, उसकी आंखें नम हो गईं. घटना से पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है.

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जानकारी के अनुसार दोपहर करीब 12:30 बजे सेमलिया सरहद स्थित गड्ढे में नहाने गए मामा डालचंद पुत्र भगवान लाल विश्नोई (25 वर्ष) और उनके भांजे भैरूलाल पुत्र कैलाश विश्नोई (10 वर्ष) अचानक गहरे पानी में डूब गए. 

भांजे को बचाने कूदे मामा की डूबने से मौत

बताया जा रहा है कि भांजा भैरूलाल का पैर फिसलने से वह गहराई में चला गया. अपने भांजे को डूबता देख मामा डालचंद बिना एक पल गंवाए उसे बचाने के लिए पानी में कूद गए, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था. गहराई और पानी के तेज बहाव के आगे दोनों ही जिंदगी की जंग हार गए.

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यह दृश्य इतना दर्दनाक था कि मौके पर मौजूद ग्रामीणों की चीखें गूंज उठीं. हर कोई उन्हें बचाने के लिए दौड़ा, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी. सूचना मिलते ही प्रशासन भी तुरंत हरकत में आया. माण्डल तहसीलदार उत्तम कुमार जांगिड और प्रशिक्षु आयुष क्षत्रीय मौके पर पहुंचे.

कड़ी मशक्कत के बाद शव बरामद

गोताखोरों और ग्रामीणों की मदद से करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद दोनों को पानी से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक दोनों की सांसें थम चुकी थीं. उन्हें माण्डल उप जिला चिकित्सालय ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. बाद में पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कर शव परिजनों को सौंप दिए गए.

घटना के बाद से पूरे सेमलिया गांव में गहरा शोक पसरा हुआ है. हर घर में सन्नाटा है, हर आंख नम है. एक तरफ जहां मासूम भैरूलाल की असमय मौत ने सबको झकझोर दिया, वहीं अपने भांजे को बचाने में जान गंवाने वाले मामा डालचंद की बहादुरी और ममता की कहानी हर किसी के दिल को छू रही है.

सातवीं कक्षा में पढ़ता था भैरूलाल

डालचंद एक फैक्ट्री में काम करता था और अपने परिवार का सहारा था, जबकि भैरूलाल कक्षा 7 का छात्र था, जिसके सपने अभी पूरी तरह आकार भी नहीं ले पाए थे.इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर चेतावनी दी है कि मेजा बांध और आसपास के गहरे गड्ढों में नहाना कितना खतरनाक हो सकता है. 

प्रशासन ने भी लोगों से ऐसे स्थानों से दूर रहने की अपील की है. यह सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि एक परिवार की दुनिया उजड़ने की कहानी है. जहां मामा ने अपने भांजे को बचाने के लिए अपनी जान की भी परवाह नहीं की, लेकिन दोनों ही काल के गाल में समा गए.

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