भीलवाड़ा शहर की सड़कों, गलियों, सार्वजनिक स्थलों पर महिलाओं और लड़कियों को परेशान करने वाले मनचलों के लिए अब खतरे की घंटी बज चुकी है. जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह के सख्त निर्देश पर गठित ‘कालिका फोर्स’ ने शहर में ऐसा शिकंजा कसा कि मनचलों के बीच हड़कंप मच गया.
जानकारी के अनुसार, इस विशेष अभियान की कमान नेहा सिंह राव ने संभाली हुई है. जिन्होंने खुद सिविल ड्रेस में सड़कों पर उतरकर ‘ऑपरेशन सिविल शैडो’ को अंजाम दिया. आम लोगों के बीच घुल-मिलकर चलाए गए इस गुप्त अभियान ने मनचलों को संभलने तक का मौका नहीं दिया.
बाजारों और स्कूल-कॉलेज पर कालिका की पैनी नजर
जानकारी के अनुसार शहर के प्रमुख चौराहों, भीड़भाड़ वाले बाजारों, स्कूल-कॉलेज के आसपास और सुनसान गलियों में कालिका फोर्स की पैनी नजर बनी रही. जैसे ही किसी ने फब्तियां कसी या छेड़छाड़ की कोशिश की तुरंत दबोच लिया गया. सिर्फ दो दिन चले इस हाई-वोल्टेज अभियान में करीब 18 मनचलों को गिरफ्तार किया गया, जबकि कई संदिग्ध वाहनों को भी जब्त किया गया. कार्रवाई इतनी तेज और गुप्त थी कि कई आरोपी तो समझ ही नहीं पाए कि वे पुलिस के रडार पर हैं.
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महिलाओं की सुरक्षा पर फोकस
भीलवाड़ा आरपीएस अधिकारी नेहा सिंह राव ने स्पष्ट संदेश दिया कि महिलाओं की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा. शहर में ऐसा माहौल बनाया जाएगा, जहां महिलाएं बिना डर के कहीं भी आ-जा सकें.
अब हर गली में कालिका का पहरा
उन्होंने कहा कि कालिका फोर्स की इस सख्त कार्रवाई के बाद मनचलों में दहशत का माहौल है. पुलिस ने साफ कर दिया है कि यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और जरूरत पड़ी तो और भी कड़े कदम उठाए जाएंगे. संदेश साफ है कि अब सड़क हो या गली, नजर गलत उठी तो कालिका फोर्स की नजर से बचना नामुमकिन नहीं है.
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