लोकसभा से बुधवार (29 जुलाई) को एंटी पेपर लीक बिल पास हो गया. इस पर कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष रांका की प्रतिक्रिया सामने आई है. उन्होंने कहा कि बिल को जो प्रावधान हमने पढ़ें हैं उससे यही समझ आ रहा है कि बहुत ज्यादा फोकस इस बात पर है कि पेपर लीक होने के बाद किस तरह से सजा हो. सजा का प्रावधान बढ़ा है. जुर्माना बढ़ा है लेकिन सवाल वही है कि पेपर लीक रोका कैसे जाए.

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आशुतोष रांका ने पूछे ये सवाल

जयपुर में मीडिया से बातचीत में आशुतोष रांका ने कहा, "पेपर लीक के बाद तो आप सजा दे रहे हैं लेकिन पेपर लीक रोका कैसे जाए, इस पर आपने कितनी बात की है? आपने क्या वेंडर्स को ब्लैक लिस्ट करने की बात की है, सिस्टम को किस तरह से डिजिटाइज्ड किया जाए, साइबर सिक्योरिटी को बढ़ाएं, किस तरह से एग्जाम सेंटर्स को मजबूत करें, इंड टू इंड मार्किंग करके कैसे पेपर लीक को रोकें, उस पर अभी तक इस बिल में बात नहीं की गई है. इससे ये साबित होता है कि सरकार चोट लगने के बाद मरहम पर तो ध्यान दे रही है लेकिन चोट न लगे इस पर ध्यान नहीं दे रही है. हमने पहले दिन से कहा है कि फास्ट ट्रक कोर्ट और सजा ये पर्याप्त नहीं है. अगर आप पेपर लीक रोकना चाहते हैं तो आपको इसकी जड़ तक जाना होगा."

पैलेट गन्स पर सरकार को सफाई देनी होगी- रांका

नीट आंदोलन को लेकर राहुल गांधी के बयान पर उन्होंने कहा, "अगर पैलेट गन्स का इस्तेमाल हुआ है तो सरकार को इस बारे में सफाई देनी होगी. जो भी मीडिया रिपोर्ट्स हम पढ़ रहे हैं उसमें साफ पता चल रहा है कि बुक लॉग्स में नोटेड है कि पैलेट गन का इस्तेमाल करने की अनुमति दी गई थी. सरकार को क्लियर करना पड़ेगा और बताना पड़ेगा कि इसकी इजाजत किसने दी थी. सरकार हवा हवाई करके इस बात को नहीं छुपा सकती है."

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