Rajasthan News: राजस्थान में कांग्रेस के छह विधायकों का निलंबन जारी है. इस पर पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने कहा कि बीजेपी ने जनता से जो वादे किए थे वे निभाए या नहीं, ये बताने से बचने के लिए ये सब किया जा रहा है. जनता भी चाहती है कि इस मसले को सुलझाया जाए. जनता जानती है कि कौन गलती कर रहा है.
समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में अशोक गहलोत ने कहा, "राजस्थान की जनता सब देख रही है कि कौन कहां गलती कर रहा है. सरकार की जिम्मेदारी होती है कि विपक्ष को साथ लेकर हाउस चलाए. सदन में अच्छी बहस हो. जनता को लगे कि हमारी भावना को उठाया जा रहा है. सरकार का भी मान-सम्मान बढ़ता है. सब मिलकर मांगों को उठा रहे हैं और बहस करते हैं. यहां तो किसान दुखी है, बेरोजगार नौकरी का इंताजर कर रहा है, महंगाई भयंकर है. पानी, बिजली, सड़क और स्वास्थ्य की समस्या है.''
विपक्ष को किया जा रहा बदनाम - अशोक गहलोत
उन्होंने कहा, ''जनता चाहती है कि उसकी मांगों पर बहस हो, एक कायदा होता है. ये चाहते ही नहीं है कि बहस हो, ऐसी स्थिति होती है कि बहस में हिस्सा नहीं ले पा रहे हैं. विपक्ष को जान-बूझकर बदनाम करने के लिए इस तरह का रवैया अपना रहे हैं, विपक्ष चाहता है कि हाउस चले, बहस में भाग लें. जनता को बताएं कि एक साल में क्या उपलब्धि रही है. क्या वादे निभाए, क्या नहीं निभाए. इससे बचने के लिए ये सब हो रहा है.''
विधायकों का सदन का बाहर धरना-प्रदर्शन जारी
राजस्थान में निलंबित विधायकों के समर्थन में विपक्ष के विधायक धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं. गोविंद डोटासरा की अगुवाई में धरना हो रहा है. ऐसे में विपक्ष के बिना ही आज सदन की कार्यवाही चल रही है. दरअसल, निलंबित विधायक सदन में घुसना चाहते थे उन्हें रोकने के लिए सुरक्षाकर्मियों को लगाया गया था. इस दौरान धक्का-मुक्की की भी जानकारी आ रही है. जिसके बाद सभी विधायक धरने पर बैठ गए हैं.
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