आसाराम यौन उत्पीड़न के एक गंभीर मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा है. मेडिकल आधार पर मिली अस्थायी जमानत की अवधि पूरी होने के बाद अब जोधपुर सेंट्रल जेल लौट गया है.

जेल सूत्रों के अनुसार, आसाराम को अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद सीधे जेल लाया गया. यहां प्रवेश से पहले स्वास्थ्य परीक्षण किया गया और चिकित्सकों की टीम ने उनके मेडिकल रिकॉर्ड की विस्तृत जांच की. जेल प्रशासन ने कहा कि सभी औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद ही उसे बैरक में शिफ्ट किया गया.

मेडिकल जमानत क्यों मिली थी?

आसाराम को कुछ समय पहले स्वास्थ्य कारणों से अस्थायी जमानत पर रिहा किया गया था. इस दौरान उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया और विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में इलाज चला. जमानत अवधि पूरी होने के बाद अदालत के आदेश पर उसे फिर से जेल में पेश किया गया.

किन मामलों में मिली थी सजा

गौरतलब है कि आसाराम को जोधपुर की पॉक्सो अदालत ने 2018 में एक नाबालिग लड़की से यौन उत्पीड़न के मामले में दोषी ठहराया था. अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी. यह मामला 2013 का है, जब पीड़िता ने आसाराम पर आश्रम में यौन शोषण का आरोप लगाया था.

CCTV की निगरानी में हुई मेडिकल जांच

जोधपुर सेंट्रल जेल में आसाराम की सुरक्षा को लेकर विशेष इंतजाम किए गए हैं. जेल अधिकारियों ने बताया कि उनकी बैरक में सीसीटीवी की निगरानी 24 घंटे रहती है और स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए नियमित मेडिकल जांच भी की जाती है.

जेल लौटने पर आसाराम से उनके वकील ने की मुलाकात 

आसाराम के जेल लौटने की खबर के बाद उनके अनुयायी जोधपुर पहुंचे. हालांकि, जेल प्रशासन ने उन्हें जेल परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं दी. केवल अधिकृत वकील और पुलिस अधिकारी ही मुलाकात कर पाए.

वहीं, कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि आसाराम की टीम भविष्य में जमानत के लिए पुनः अदालत का रुख कर सकती है. फिलहाल अदालत ने जेल में उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं के तहत रखने का आदेश दिया है. आसाराम का जेल लौटना एक बार फिर इस बहुचर्चित मामले को सुर्खियों में ले आया है, जो देशभर में धार्मिक आस्था और कानून के बीच की बहस को सामने लाता है.