राजस्थान के अलवर जिले से दर्दनाक सड़क हादसे की खबर है. अलवर के लक्ष्मणगढ़ इलाके में एक कार में आग लगने से पांच लोग जिंदा जल गए. यह हादसा दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर बुधवार, 29 अप्रैल की देर रात हुआ. बताया जा रहा है कि कार रुकी नहीं थी, बल्कि चल रही थी. चलती कार में ही अचानक आग लग गई. ड्राइवर ने बड़ी मुश्किल से कार से निकल कर खुद की जान बचाई. हालांकि, वह 80 फीसदी तक जल गया है और उसकी हालत बेहद नाजुक है.
मृतक मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले के रहने वाले थे और वैष्णो देवी से दर्शन कर लौट रहे थे. हादसे में मरने वालों में महिलाएं और एक मासूम बच्ची भी शामिल हैं. पांच लोगों में तीन महिलाएं, एक पुरुष और एक बच्ची थी. फिलहाल, मृतकों की पहचान नहीं हो सकी है.
ड्राइवर की हालत नाजुक
बुरी तरह से झुलसे ड्राइवर को तुरंत पिनान के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया जहां प्राथमिक इलाज के बाद अलवर के सामान्य अस्पताल रेफर किया गया. फिलहाल डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज जारी है.
हादसे की सूचना पाकर NHAI की पैट्रोलिंग टीम और एंबुलेंस मौके पर पहुंचीं. साथ ही लक्ष्मणगढ़ थाने से पुलिस की एक टीम ने पहुंचकर राहत बचाव कार्य शुरू किया. आग बुझाने के लिए फायर ब्रिगेड को बुलाया गया. काफी मेहनत के बाद आग पर किसी तरह काबू पाया जा सका. वहीं, प्रशासन ने मौके पर हालात को नियंत्रित करते हुए आवश्यक कार्रवाई शुरू की.
आग लगने का कारण अब तक अज्ञात
चलती कार में देर रात आग कैसे लग गई, यह जानने के लिए जांच टीम कार्रवाई कर रही है. हालांकि, अभी तक पता नहीं चला है कि यह तकनीकी खराबी थी या फिर कोई और वजह.
अचानक आग की घटना से कैसे बच सकते हैं?
अलवर हादसे ने फिर से हाईवे पर गाड़ियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. अचानक आग लगने जैसी घटनाएं यात्रियों की जान के लिए बड़ा खतरा हैं. एक्सपर्ट्स का मानना है कि गाड़ियों की नियमित जांच, फायर सेफ्टी उपकरण और सतर्कता इस तरह की घटनाओं को रोकने में मदद कर सकती हैं
