पंजाब कांग्रेस के सीनियर नेता सुखजिंदर सिंह रंधावा ने शुक्रवार (3 जुलाई) को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की. इस मुलाकात के बाद उन्होंने कहा कि मैंने दो महीने पहले आतंकवाद और अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स के खिलाफ एक पत्र लिखा था. आज मैं इस मामले को लेकर अमित शाह से मिला.

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'गृहमंत्री से मेरी मुलाकात को राजनीतिक रंग दिया जा रहा'

कांग्रेस नेता सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा कि गृहमंत्री अमित शाह से उनकी मुलाकात राज्य की कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर थी. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ''मीडिया के कुछ वर्गों द्वारा केंद्रीय गृह मंत्री के साथ मेरी मुलाकात को जो शरारतपूर्ण राजनीतिक रंग दिया जा रहा है, मैं उसका खंडन करता हूं. यह मुलाकात पंजाब राज्य में बिगड़ती कानून-व्यवस्था के संबंध में मेरी बात रखने के लिए आज पहले से ही तय थी.''

नेतृत्व परिवर्तन की जरूरत के सवाल पर क्या बोले रंधावा?

पर्यवेक्षकों (ऑब्जर्वर्स) की सूची पर संतुष्टि के सवाल पर उन्होंने कहा, "ऐसी स्थिति पैदा ही नहीं होनी चाहिए थी. अगर आखिर में यही होना था, तो फिर पार्टी हाईकमान के साथ इतनी सारी बैठकों का क्या मतलब था?" नेतृत्व परिवर्तन की जरूरत के सवाल के जवाब में रंधावा ने कहा, "इसका जवाब अजय माकन दें. पर्यवेक्षकों की सूची में क्या था, वही बता सकते हैं."

रंधावा की गृहमंत्री से मुलाकात पर क्या बोले गोविंद सिंह डोटासरा?

उधर, राजस्थान कांग्रेस के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा, ''पंजाब की कानून-व्यवस्था एवं सीमावर्ती इलाकों में शांति और सुरक्षा से जुड़े विषय किसी दल की नहीं, पूरे देश की जिम्मेदारी है. पंजाब की पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में गृह मंत्री रहते हुए सुखजिंदर सिंह रंधावा के द्वारा देश-विरोधी ताकतों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और राष्ट्रहित के मुद्दे पर उनका लगातार विरोध करने के कारण रंधावा परिवार को लंबे से समय से धमकियां मिलती रही है. इन्हीं गंभीर विषयों को लेकर आज उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जी से मुलाकात की है.

'रंधावा की गृहमंत्री से मुलाकात को राजनीतिक चश्मे से न देखा जाए'

डोटासरा ने आगे कहा, ''इसे राजनीतिक चश्मे से देखने के बजाय राष्ट्रीय सुरक्षा के व्यापक संदर्भ में समझा जाना चाहिए. एक सच्चे कांग्रेसी की पहचान यही है कि वह विचारधारा पर अडिग रहते हुए भी राष्ट्रहित के हर मुद्दे पर जिम्मेदारी निभाए. रंधावा ऐसे परिवार से आते हैं, जिसने पंजाब के सबसे कठिन दौर में भी आतंकवाद और अलगाववाद के सामने कभी घुटने नहीं टेके. उनके परिवार ने हमेशा देश की एकता और अखंडता के लिए आवाज उठाई. 

उन्होंने ये भी कहा, ''यही विरासत आज भी उनके सार्वजनिक जीवन की पहचान है. ऐसे गंभीर विषय पर अनावश्यक राजनीतिक बयानबाजी करना न तो पंजाब के हित में है, और न ही देश के हित में है. राष्ट्रहित दलगत राजनीति से हमेशा बड़ा होता है.''

सुखजिंदर रंधावा की अमित शाह से मुलाकात पर सियासी हलचल, अशोक गहलोत बोले- परिवार को लगातार धमकियां मिलती रहीं