पंजाब में विधानसभा में कांग्रेस की डोप टेस्ट वाली मांग को लेकर सियासत तेज हो गई है. विपक्ष द्वारा सीएम मान पर गंभीर आरोप लगाए जाने के बाद अब इस पर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने जवाब दिया है.
कांग्रेस की तरफ से अपने 'अल्कोहल टेस्ट' की मांग पर सीएम मान ने कहा, "उनके पास उठाने के लिए कोई मुद्दा ही नहीं है. फिर किस तरह का टेस्ट किया जाना चाहिए?"
बता दें कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को लेकर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं. कांग्रेस और अकाली दल की ओर से सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर करके उन पर नशे में विधानसभा में आने का आरोप लगाया गया है.
ये भी पढ़ें: पंजाब के मजदूरों को CM भगवंत मान का तोहफा! कर दिया ये बड़ा ऐलान
विपक्ष ने की थी डोप टेस्ट की मांग
पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने मुख्यमंत्री भगवंत मान और सभी विधायकों का तत्काल अल्कोमीटर और डोप टेस्ट करवाने की मांग उठाई थी.
विधानसभा अध्यक्ष को लिखा पत्र
वहीं पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर कहा कि सदन की गरिमा और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए एक घंटे के भीतर सभी विधायकों की जांच करवाई जाए. पत्र में यह भी मांग की गई कि पीजीआई चंडीगढ़ की स्वतंत्र मेडिकल टीम से निष्पक्ष तरीके से टेस्ट करवाए जाएं.
फ्लोर टेस्ट को लेकर क्या बोले सीएम मान?
वहीं विधानसभा में फ्लोर टेस्ट को लेकर सीएम भगवंत मान ने कहा, "आज उन सभी अटकलों पर विराम लग गया है, जो लोग यह कह रहे थे कि आम आदमी पार्टी के 65 या 40 विधायक पार्टी छोड़कर जा रहे हैं."
ये भी पढ़ें: 'ये दुर्भाग्यपूर्ण...', पंजाब विधानसभा में कांग्रेस की CM मान के डोप टेस्ट वाली मांग पर AAP की प्रतिक्रिया
