पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रताप सिंह बाजवा ने सीएम और आम आदमी पार्टी के सभी विधायकों की एल्कोहल मीटर से डोप टेस्ट करने की मांग की. वहीं अब उनकी इस मांग पर आम आदमी पार्टी की प्रतिक्रिया सामने आई है. 

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दरअसल, पंजाब आप के अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने इस पर कहा, "मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार द्वारा बुलाए गए विशेष सत्र का उद्देश्य मजदूरों की कड़ी मेहनत और योगदान का सम्मान करना, उनके प्रयासों को मान्यता देना और उनकी मेहनत को आदर देना है, लेकिन कांग्रेस लगातार बेबुनियाद और हल्की टिप्पणियां कर रही है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है. यह मजदूरों के जख्मों पर नमक छिड़कने और सदन की गरिमा को ठेस पहुंचाने जैसा है."

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फ्लोर टेस्ट पर AAP ने क्या कहा?

वहीं फ्लोर टेस्ट के बारे में उन्होंने कहा, "यह मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार है. चूंकि हाल के दिनों में हमारे विधायकों को लेकर चर्चाएं चल रही हैं, इसलिए इस मामले पर आज पूरी स्थिति स्पष्ट हो जाएगी."

प्रताप सिंह बाजवा का सीएम पर आरोप

इससे पहले नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि आम आदमी पार्टी के पूर्व नेता प्रतिपक्ष सुखपाल खैरा ने भी आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री शराब पीकर सदन में बैठे थे. उन्होंने कहा कि अगर ऐसा है, तो यह विधानसभा के नियमों और विशेषाधिकारों का उल्लंघन है, उन्हें उम्मीद थी कि स्पीकर इस मामले पर संज्ञान लेंगे और डोप टेस्ट का आदेश देंगे.

बीजेपी ने भी किया मांग का किया समर्थन

इधर, बीजेपी के पंजाब प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने एक्स पोस्ट में लिखा कि सामान्य सत्र महत्वपूर्ण होता है, लेकिन विशेष सत्र का महत्व और भी ज्यादा होता है. ऐसे में यदि विधानसभा में आने वाले नेताओं का ब्रेथलाइजर टेस्ट किया जाए, तो कई सच सामने आ सकते हैं. हालांकि इस मामले पर अभी तक मुख्यमंत्री भगवंत मान की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.

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