पंजाब में हो रहे बम धमाकों पर राजनीति शुरू हो गई है. पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अमृतसर में खासा कैंप के पास हुए धमाके को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि, भाजपा का यह काम करने का तरीका है कि जिस राज्य में चुनाव लड़ना है पहले वहां दंगे करवा दो, छोटे-मोटे धमाके करवा दो, धर्म, जाति के नाम लोगों को बांट दो. यह भाजपा की चुनाव की तैयारी है.
सीएम ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनी रहेगी और दोषियों को सख्त सज़ा होगी. मैं भाजपा को कहना चाहता हूं कि पंजाब ने बहुत काले दिन देख लिए हैं, अब पंजाबी यह बर्दाश्त नहीं करेंगे. मुख्यमंत्री ने कहा कि ये बीजेपी की पंजाब विधानसभा चुनाव की तैयारी है. लोगों को डरा धमका कर बीजेपी वोट लेना चाहती है.
उधर, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नेता और पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने राज्य सरकार पर सवाल उठाए हैं. सोशल मीडिया साइट एक्स पर बाजवा ने लिखा कि एक ही दिन में लगातार दो विस्फोट-पहले जालंधर और फिर अमृतसर-इन्हें महज संयोग मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता.
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'प्रशासन की चुप्पी या ढिलाई बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं'
कांग्रेस नेता ने लिखा कि पंजाब सरकार को इन घटनाओं के पीछे जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उन्हें जल्द से जल्द न्याय के कटघरे में लाना होगा. जब कई तरह की साजिशी बातें फैल रही हों और आम लोगों में डर का माहौल बन रहा हो, ऐसे समय में प्रशासन की चुप्पी या ढिलाई बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है.
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उन्होंने लिखा कि पंजाब पहले से ही युवाओं में बेरोजगारी और अवसरों की कमी जैसी गंभीर चुनौतियों से जूझ रहा है. ऐसे में शांति और स्थिरता को भंग करने की कोई भी कोशिश लोगों के मन में असुरक्षा की भावना को और गहरा करेगी. पंजाब एक बार फिर अस्थिरता के दौर को झेलने की स्थिति में नहीं है. कानून-व्यवस्था बनाए रखना और जनता का भरोसा बहाल करना सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए.
