पंजाब कांग्रेस में जारी अंदरूनी कलह के बीच प्रदेश प्रभारी भूपेश बघेल ने अपनी रिपोर्ट कांग्रेस हाईकमान को सौंप दी है. रिपोर्ट संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल को सौंपी गई है. इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी खेमे ने पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग को पद से हटाने की मांग उठाई थी.

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हालांकि, भूपेश बघेल ने साफ संकेत दिए हैं कि फिलहाल पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन की कोई संभावना नहीं है. उन्होंने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष को बदलना कोई "गुड्डे-गुड़ियों का खेल" नहीं है. मीडिया में चल रही अटकलों पर प्रतिक्रिया देते हुए बघेल ने कहा, "क्या आपने राहुल गांधी से बात की? अखबारों को जो लिखना है, लिखने दीजिए. मुझे जो कहना था, मैं कह चुका हूं. आप जो खबरें चलाते हैं, उन पर मेरा कोई नियंत्रण नहीं है."

वडिंग को कितने नेताओं का है समर्थन?

इस संदर्भ में एबीपी न्यूज़ से बात करते हुए बघेल ने कहा कि अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ही पंजाब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष बने रहेंगे. पार्टी नाराज नेताओं को मनाने की कोशिश करेगी और फिलहाल संगठन में बड़े बदलाव से बचने के पक्ष में है.उन्होंने कहा कि 29 जिला कांग्रेस अध्यक्षों में से 25, पार्टी के 4 सांसद और 9 विधायक राजा वडिंग के समर्थन में हैं. 

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अब इस रिपोर्ट पर अंतिम फैसला कांग्रेस हाईकमान को लेना है. ऐसे में सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि पंजाब कांग्रेस को लेकर शीर्ष नेतृत्व क्या निर्णय करता है.

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