भारत से अमेरिका को निर्यात होने वाली वस्तुओं में टेक्सटाइल उद्योग का एक अहम हिस्सा है और लुधियाना से अमेरिका को काफी ज्यादा टेक्सटाइल खास कर अमेरिका की बड़ी कंपनियों और ब्रांड्स को कपड़ा और कपड़े से बनी चीजें जैसे होटलों में इस्तेमाल होने वाले तौलिए, पैंट्स, कमीजें और T, shirts वगेरह का निर्यात निर्यात होता है.

उद्योग से जुड़े लोगों के मुताबिक बांग्लादेश, वियतनाम और कंबोडिया जैसे देशों के टेक्सटाइल के मुकाबले भारत का सामान अमेरिका में महंगा मिलेगा क्योंकि इन देशों पर अमेरिका ने कम टैरिफ लगाया है और इसका सीधा सीधा फायदा इन देशों को मिलेगा.

टेक्सटाइल उद्योग में चिंता

लुधियाना में KG exports के मालिक हरीश दुआ के मुताबिक लुधियाना से अमेरिका को सालाना तकरीबन 10000 करोड़ रुपए के टेक्सटाइल का निर्यात किया जाता है. उनके मुताबिक जब से अमेरिका ने 25% टैरिफ लागू किया है और 27 अगस्त से और 25 प्रतिशत और टैरिफ लागू करने का ऐलान किया है तब से टेक्सटाइल उद्योग चिंता में है.

उनके मुताबिक अमेरिका से बहुत सारे ऑर्डर्स फिलहाल रोक लिए गए हैं. अमेरिकी खरीददार बढ़े हुए टैरिफ से बढ़ने वाले दाम को एडजस्ट करने के लिए बोल रहे हैं. इसका असर आने वाले दिनों में टेक्सटाइल इंडस्ट्री में रोजगार में भी दिखेगा.

'आने वाले दिनों में देखने को मिलेगा असर'

वहीं लुधियाना में बड़े औद्योगिक घराने शिंगोरा टेक्सटाइल के सीईओ अनुज जैन के मुताबिक अमेरिका द्वारा बढ़ाए हुए टैरिफ का असर दिखना शुरू हो गया क्योंकि बहुत सारे अमेरिकी ग्राहक फिलहाल डिलीवरी को रोकने के लिए कह रहे हैं. उनके मुताबिक आने वाले दिनों में इसका और असर देखने को मिलेगा.

उन्होंने कहा, "फिलहाल लुधियाना से अमेरिकी कंपनियों को टेक्सटाइल से जुड़ी वस्तुएं निर्यात करने वाले उद्योगों ने ये कोशिश की है कि 27 अगस्त से पहले उनका सामान अमेरिका पहुंच जाए ताकि जो 25 प्रतिशत एयर टैरिफ लगना है उससे पहले सामान वहां पहुंच जाए,"

एक डेढ़ साल बढ़े अमेरिकी टैरिफ का देखने को मिलेगा असर

वहीं अमेरिका की ही अलग अलग ब्रांड्स को कपड़े से बनी वस्तुएं निर्यात करने वाले डिफरेंट गारमेंट्स के सीईओ नीरज आर्य के मुताबिक फिलहाल एक डेढ़ साल बढ़े अमेरिकी टैरिफ का असर देखने को मिलेगा पर भारतीय उद्योग फिर से संभल जाएगा. उनके मुताबिक यहां उद्योग से जुड़े लोगों की कोशिश है कि अमेरिका से होने वाले घाटे को पूरा करने के लीवर देशों को सामान निर्यात किया जाए मगर उसमें वक्त लगेगा.

उनके मुताबिक इसका सीधा असर लुधियाना में इस क्षेत्र से जुड़े रोजगार पर भी पड़ेगा और ये आने वाले दिनों में दिखना शुरू हो जाएगा अगर अतिरिक्त 25 प्रतिशत टैरिफ भी लागू हो जाता है. वहीं टेक्सटाइल इंडस्ट्री से जुड़े सुदर्शन जैन के मुताबिक अमेरिका द्वारा बढ़ाए गए टैरिफ का असर फिलहाल बाजार में दिखेगा पर आने वाले एक डेढ़ साल में बाजार संभल जाएगा क्योंकि उत्पादक और बाजार ढूंढ लेंगे.