पंजाब सरकार के मंत्री संजीव अरोड़ा अभी दो दिनों तक प्रवर्तन निदेशालय (ED) की हिरासत में रहेंगे. हरियाणा के गुरुग्राम के सेशन कोर्ट ने 100 करोड़ रुपये के धनशोधन मामले में उनकी ED हिरासत शनिवार को दो दिन के लिए बढ़ा दी. यह जानकारी अधिकारियों ने दी है. अधिकारियों ने कहा कि ED ने सात दिन की हिरासत अवधि पूरी होने के बाद अरोड़ा को कोर्ट में पेश किया था और उनकी हिरासत को पांच दिन बढ़ाने का अनुरोध किया था.
ED का कहना था कि उसे फर्जी कंपनियों के माध्यम से फंड के लेनदेन, कथित बेनामी संपत्तियों की खरीद और मामले से जुड़े कई व्यक्तियों से पूछताछ करने की आवश्यकता है, लेकिन जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने उनकी हिरासत केवल दो दिन के लिए बढ़ाई है.
पंजाब के मंत्री संजीव अरोड़ा ने खटखटाया HC का दरवाजा, ED की गिरफ्तारी को दी चुनौती
ED ने कोर्ट को क्या बताया?
ED के अनुसार, अरोड़ा ने गुरुग्राम में करोड़ों रुपये की संपत्ति खरीदी और वह कथित रूप से संदिग्ध वित्तीय लेनदेन में शामिल थे. एजेंसी ने कहा कि जांच कुछ समय से जारी है. ED ने दावा किया कि मंत्री के परिसरों पर तलाशी के दौरान वित्तीय लेनदेन और संदिग्ध निवेश से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए, जिनके आधार पर उनसे पूछताछ की जा रही है.
ED ने 9 मई को चंडीगढ़ में स्थित अरोड़ा के आवास से उन्हें गिरफ्तार किया था. गिरफ्तारी के बाद उन्हें गुरुग्राम सत्र न्यायालय में पेश किया गया था, जिसने एजेंसी को एक सप्ताह के लिए उनकी हिरासत दी थी. हिरासत अवधि पूरी होने के बाद, ED ने उन्हें शनिवार को फिर से कोर्ट पेश किया.
अरोड़ा को क्यों किया गया गिरफ्तार?
संजीव अरोड़ा को ED ने 100 करोड़ रुपये के जीएसटी धोखाधड़ी से जुड़े धनशोधन मामले में गिरफ्तार किया था, जिसमें उनसे जुड़ी कुछ इकाइयां शामिल हैं. अरोड़ा से जुड़ी कंपनी हैम्पटन स्काई रियल्टी लिमिटेड (HSRL) ने फर्जी दस्तावेजों और फर्जी निर्यात के जरिए करीब ₹102.5 करोड़ की अवैध कमाई की तथा GST रिफंड लेकर सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाया. बता दें कि HSRL को पहले रितेश प्रॉपर्टीज एंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड के नाम से जाना जाता था.
