पंजाब के गवर्नर गुलाब चंद कटारिया ने बाढ़ प्रभावित लोगों के राहत कैंप और हुसैनीवाला हेड का दौरा किया. गवर्नर ने अधिकारियों के साथ मीटिंग भी की. गवर्नर ने कहा कि जब डेमो से पानी छोड़ा जाता है, तो प्रभावित लोगों को जल्दी पता लगना चाहिए, ताकि उन्हें सुरक्षित स्थान पर तुरंत निकाला जा सके.

गवर्नर ने राहत कैंप में लोगों से मिलकर उनकी मुश्किलें सुनीं. उन्होंने कहा कि वह मुख्यमंत्री भगवंत मान से बात करेंगे और उन मुश्किलों का हल  करवाएंगे, जो कच्ची जमीन के कारण प्रभावित लोगों को मुआवजा नहीं मिलने जैसी मुश्किल पैदा कर रही हैं.

मुख्यमंत्री से इस मुद्दे पर बातचीत करेंगे गवर्नर

गवर्नर का कहना था कि इन लोगों को राहत मिल सके, इसके लिए वह मुख्यमंत्री से इस मुद्दे पर बातचीत करेंगे. उन्होंने यह भी बताया कि मेरी ग्रह मंत्री से बात हुई है और हर संभव मदद की बात की है.

बता दें, पंजाब में आई भीषण बाढ़ से 1,000 से ज्यादा गांव और 61,000 हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि प्रभावित हुई है. राहत और बचाव अभियान तेजी से जारी है. बाढ़ से प्रभावित सबसे सबसे ज्यादा गांव गुरदासपुर जिले में हैं. 

लोगों का घरों से निकलना मुश्किल

इसके अलावा, भारी बारिश के बाद पंजाब के कई हिस्से बाढ़ की चपेट में हैं. अमृतसर के अजनाला में सक्की नाला में फंसे हुए लोगों को नावों की मदद से बचाया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर सड़कें पानी में डूबी होने के कारण लोग पानी से होकर निकल रहे हैं. स्थिति इतनी गंभीर है कि लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है.

गांव के गांव जलमग्न हैं. बाढ़ की स्थिति सबसे ज्यादा अगस्त के महीने में देखी गई. यह बाढ़ 1988 की ऐतिहासिक बाढ़ से भी बदतर बताई जा रही है, जहां 75% फसलें बरबाद हो गई थीं. अगस्त से लेकर 2 सितंबर 2025, तक पंजाब में बारिश ने पिछले 25 सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है.