Punjab News: दिल्ली की तर्ज पर पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार भी राज्य के शिक्षकों को बेहतर ट्रेनिंग के लिए विदेश भेजेगी. राज्य के 36 सरकारी स्कूलों के प्रिंसिपलों का पहला बैच ट्रेनिंग के लिए सिंगापुर भेजा जाएगा. राज्य के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने शुक्रवार को यह बात कही. उन्होंने कहा कि राज्य की भगवंत मान सरकार राज्य के छात्रों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षा व्यवस्था देने के अपने वादे को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है.
4 फरवरी को रवाना होगा पहला बैच
बैंस ने ट्वीट कर कहा, 'मुझे यह बताते हुए बेहद खुशी हो रही है कि राज्य के 36 सरकारी स्कूलों के प्रिंसिपलों का पहला बैच 4 फरवरी को ट्रेनिंग के लिए सिंगापुर की प्रिंसिपल्स अकेडमी जा रहा है.' बता दें कि पिछले साल मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सरकारी स्कूलों के प्रधानाचार्यों के साथ बैठ की थी और उनसे स्कूल के शिक्षा स्तर को ऊंचा करने के लिए सुझाव मांगे थे.
दिल्ली में शिक्षक ट्रेनिंग के मुद्दे पर LG और सरकार में खींचातान
एक तरफ जहां पंजाब सरकार अपने शिक्षकों को ट्रेनिंग के लिए विदेश भेज रही है, वहीं दूसरी तरफ शिक्षकों को ट्रेनिंग के लिए विदेश भेजने के मुद्दे पर दिल्ली की आप सरकार और एलजी के बीच गहमागहमी जारी है. केजरीवाल ने आरोप लगाया है कि एलजी वीके सक्सेना दिल्ली के शिक्षकों को ट्रेनिंग के लिए विदेश नहीं भेजने दे रहे हैं और उन्होंने उनकी फाइलें रोक रखी हैं.
शिक्षकों की ट्रेनिंग से शिक्षा व्यवस्था में हुआ सुधार- दिल्ली के सीएम केजरीवाल
वहीं मंगलवार को दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि दिल्ली में शिक्षा व्यवस्था में काफी सुधार हुआ है और यह शिक्षकों की विदेश में ट्रेनिंग से संभव हो पाया है. केजरीवाल ने कहा था कि दिल्ली के लोग आज अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूलों की जगह सरकारी स्कूलों में पढ़ा रहे हैं, यह केवल सरकारी स्कूलों के टीचरों की सही ट्रेनिंग का नतीजा है.
सीएम ने कहा था कि वह अपने बच्चों को दिल्ली के दो करोड़ परिवारों के बच्चों से अलग नहीं मानते. उन्होंने कहा कि मैं दिल्ली के बच्चों को वही शिक्षा देना चाहता हूं जो मैंने अपने बच्चों को दी है. उन्होंने आगे कहा कि हम हजारों रुपए खर्च कर दिल्ली के शिक्षकों को विदेश में बेहतर ट्रेनिंग देना चाहते हैं लेकिन एलजी साहब कह रहे हैं कि उन्हें विदेश की जगह भारत में ही ट्रेनिंग दी जाए. उन्होंने कहा कि एलजी के पास हमारे फैसले पर रोक लगाने की कोई शक्ति नहीं है. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा है कि पुलिस, सार्वजनिक व्यवस्था और भूमि के अलावा एलजी के पास कोई शक्ति नहीं है. इसलिए उन्हें हमारे फैसले पर रोक नहीं लगानी चाहिए.
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