पंजाब में बीजेपी को बड़ा झटका लगा है. शिरोमणि अकाली दल और बीजेपी में गठबंधन की चर्चां के बीच बड़ी सियासी खबर सामने आई है. रविवार (15 फरवरी) को पंजाब बीजेपी के उपाध्यक्ष और बिजनेसमैन और पूर्व विधायक अरविंद खन्ना बीजेपी छोड़ कर शिरोमणि अकाली दल में शामिल हो गए. पार्टी अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने संगरूर में उन्हें अकाली दल में शामिल करते हुए उनका स्वागत किया. 

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अरविन्द खन्ना 2022 में बीजेपी में हुए थे शामिल

अरविन्द खन्ना दो बार विधायक रहे हैं. पहले वे कांग्रेस में भी रहे हैं. साल 2022 में वे बीजेपी में गए थे. शिरोमणि अकाली दल में शामिल होने से पहले तक वो पंजाब में बीजेपी के उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभाल रहे थे. वो बीजेपी के पंजाब की कोर कमेटी और वित्त कमेटी के मेंबर भी रहे. पंजाब में साल 2027 में विधानसभा के चुनाव होने हैं. इस चुनाव से पहले सुखबीर सिंह बादल ने बड़ा दांव चलते हुए अरविन्द खन्ना को अपनी पार्टी में शामिल कराने में कामयाब रहे.

2024 में संगरूर सीट से लड़े लोकसभा का चुनाव

साल 2024 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने अरविंद खन्ना को संगरूर संसदीय सीट से चुनाव मैदान में उतारा था लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था. इस सीट से आम आदमी पार्टी के गुरमीत सिंह मीत हेयर को जीत मिली थी. अरविंद खन्ना इसी संसदीय सीट का हिस्सा संगरूर और धूरी विधानसभा क्षेत्र से MLA रह चुके हैं.

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कांग्रेस की टिकट पर साल 2004 में अरविंद खन्ना लोकसभा का चुनाव लड़ चुके हैं. हालांकि इस चुनाव में भी उन्हें हार का मुंह ही देखना पड़ा था. इस दौरान चुनाव में उन्हें अकाली दल के नेता सुखदेव सिंह ढींडसा से मात मिली थी. साल 2024 में चुनावी शपथ पत्र के मुताबिक अरविंद खन्ना की कुल संपत्ति 27.1 करोड़ और देनदारियां 12.6 करोड़ रुपये हैं. उस दौरान अरविंद खन्ना ने अपनी वार्षिक आय 21.8 लाख रुपये बताई थी.