पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के वायरल वीडियो की कथित फर्जी फॉरेंसिक रिपोर्ट तैयार करने के मामले में गुरुग्राम पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है. पुलिस के अनुसार शिकायतकर्ता जसप्रीत ने बताया कि उस पर पंजाब के कुछ आला अधिकारियों द्वारा वीडियो की फर्जी रिपोर्ट तैयार करवाने का दबाव बनाया गया था. इतना ही नहीं उसके परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी गई थी.

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पुलिस जांच में सामने आया है कि डर के कारण जसप्रीत ने अरुण और अंकित नामक व्यक्तियों से संपर्क किया. इसके बाद गुरुग्राम के सेक्टर-29 स्थित क्राउन प्लाजा होटल में फर्जी रिपोर्ट तैयार करने को लेकर 10 लाख रुपये की डील हुई. जांच के दौरान होटल की सीसीटीवी फुटेज भी पुलिस ने कब्जे में लेकर जांच और तेजी से शुरू कर दी है.

फर्जी रिपोर्ट तैयार करने के लिए दिए गए 10 लाख रुपए

एसीपी क्राइम नवीन शर्मा की मानें तो आरोपी अरुण ने (साइबर यान) और अंकित ने (साइबर सेंटिनल) के नाम से रिपोर्ट तैयार की थी. हालांकि जांच में सामने आया कि दोनों किसी भी मान्यता प्राप्त या वैध फॉरेंसिक लैब से जुड़े नहीं हैं. रिपोर्ट तैयार करने के बदले में 10 लाख रुपये का भुगतान किया गया, जिसमें से अंकित को ऑनलाइन 50 हजार रुपये मिलने की बात भी सामने आई है.

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पुलिस ने दोनों आरोपियों अरुण और अंकित को गिरफ्तार कर लिया है. अदालत से उन्हें 8 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है. अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि फर्जी रिपोर्ट तैयार करने के लिए किन इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और तकनीकी माध्यमों का इस्तेमाल किया गया.

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आरोपी अरुण पंचकूला में बनावाता था फर्जी पहचान पत्र

जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी अरुण पंचकूला के एक सरकारी कार्यालय में कॉन्ट्रैक्ट आधार पर पहचान पत्र बनाने का काम करता था, जबकि अंकित दिल्ली के एक सरकारी कार्यालय में कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी के रूप में कार्यरत था. पुलिस पूरे नेटवर्क और संभावित साजिश के अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है. जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे उनका जल ही खुलासा किया जाएगा.

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