पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की सरकार को राज्य में चार साल पूरे हो गए हैं. इसी उपलक्ष्य में वह 'शानदार चार साल भगवंत मान दे नाल' के तहत सरकार की उपलब्धियों का ब्यौरा साझा कर रहे हैं. आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्यमंत्री मान ने हर विभाग की तरह ग्रामीण विकास और पंचायत विभाग के कार्यों का 'रिपोर्ट कार्ड' पेश किया. उन्होंने इस दौरान पंचायतों के लिए एक खास घोषणा भी की.
मुख्यमंत्री मान ने इस दौरान बताया कि पंजाब में कुल 13,236 पंचायतें हैं. 2024 में हुए पंचायत चुनावों के दौरान अधिकतर पंचायतों का गठन सर्वसम्मति से हुआ है. उन्होंने कहा कि साल 2018 में हुए चुनावों के दौरान 1,870 पंचायतें निर्विरोध चुनी गई थीं. वहीं, 2024 में यह संख्या बढ़कर 2,970 हो गईं. यह दर्शाता है कि 1,100 से अधिक गांवों ने मिलकर सर्वसम्मति पंचायत चुनी है.
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पंचायतों के लिए की खास घोषणा
मुख्यमंत्री मान ने बताया कि इससे स्पष्ट है कि गांवों में एकता और सामुदायिक सद्भाव बढ़ा है. इस दौरान उन्होंने 'विशेष विकास अनुदान' योजना की घोषणा के बारे में भी बताया. इस योजना के तहत उन पंचायतों को ₹5 लाख का विशेष अनुदान दिया जाएगा जो निर्विरोध चुनी गई हैं. इसका उद्देश्य गांवों के बीच एकता और सामुदायिक सद्भाव को बढ़ावा देना है. इससे न केवल चुनाव पर होने वाले खर्च में कमी आयेगी, बल्कि समय की भी बचत होगी.
जन-जन तक पहुंचाना है सरकार की उपलब्धियां- मान
बता दें कि इससे पहले मुख्यमंत्री मान ने अपने शासन में राज्य में शिक्षा, स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में हुए कामों का चार साल का विस्तृत रिपोर्ट कार्ड पेश किया था. उन्होंने इस दौरान पंजाब के सरकारी स्कूलों और उसके परिणामों को सराहा था. वास्तव में सरकार की योजना उसकी उपलब्धियों को हर गांव, गली और घर तक पहुंचाना है. बता दें कि पंजाब में आम आदमी पार्टी 2022 को सत्ता में आई थी और भगवंत मान ने मुख्यमंत्री की कमान संभाली थी.
