Dushyant Chautala on NDA: जननायक जनता पार्टी (JJP) एनडीए की एक मजबूत साझेदार है. हरियाणा के उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला (Dushyant Chautala) ने रविवार को बयान दिया कि बीजेपी और उनकी पार्टी दोनों का नेतृत्व लोकसभा और विधानसभा चुनावों पर फैसला करेगा. गठबंधन के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि वह एनडीए के भागीदार हैं और राज्य में एक स्थिर सरकार बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं. एनडीए के तहत, दोनों दलों का नेतृत्व बैठकर लोकसभा और विधानसभा चुनावों के बारे में फैसला करेगा. 

जेजेपी ने 2019 में बीजेपी को दिया था समर्थन2019 के विधानसभा चुनाव में बहुमत से दूर रहने के बाद अजय सिंह चौटाला के नेतृत्व वाली जननायक जनता पार्टी (JJP) ने 2019 में बीजेपी को समर्थन दिया था. वहीं अब हाल के महीनों में जेजेपी और बीजेपी दोनों ही पार्टियां राज्य की सभी 10 लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही हैं और गठबंधन जारी रखने या संयुक्त रूप से चुनाव लड़ने पर कोई प्रतिबद्धता नहीं जता रहीं. बता दें, बीते लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने सभी 10 सीटें जीती थीं.

'एक और एक ग्यारह' के दम पर लड़ेंगे चुनावदुष्यंत चौटाला से जब ये पूछा गया कि बीजेपी की तरफ से कहा जा रहा है कि हरियाणा में सभी 10 लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं, इस पर चौटाला ने कहा कि तैयारी वे भी कर रहे हैं और तैयारी हम भी कर रहे हैं. हमने 6 लोकसभा सीटों तक प्रचार किया है बाकी चार पर फरवरी में काम होगा. प्रत्येक लोकसभा और विधानसभा सीट के लिए हमारा कैडर काम कर रहा है. जब दोनों मिलेंगे तो 'एक और एक ग्यारह' के दम पर चुनाव लड़ा जाएगा. 

‘उचाना विधानसभा क्षेत्र नहीं छोड़ेंगे’इसके साथ ही दुष्यंत चौटाला ने एक बार फिर दोहराया कि वह उचाना विधानसभा क्षेत्र नहीं छोड़ेंगे. उन्होंने कहा कि जो लोग उचाना छोड़ना चाहते हैं, वे पार्टी छोड़ने के लिए तैयार हैं. वह स्पष्ट रूप से बीजेपी नेता बीरेंद्र सिंह का जिक्र कर रहे थे, जिन्होंने पहले धमकी दी थी कि अगर उनकी पार्टी ने अपना गठबंधन जारी रखा तो वह पद छोड़ देंगे. डिप्टी सीएम ने कहा, 'मैं युवा और गतिशील हूं, मैं थका हुआ नहीं हूं और सेवानिवृत्त हूं. मैं विश्वास के साथ कह सकता हूं कि मैं 35 वर्ष का हूं और मैं 80 वर्ष तक सेवानिवृत्त नहीं होऊंगा.'

दुष्यंत चौटाला ने आगे कहा, 'इसका मतलब है कि मेरे सामने 45 साल की व्यावहारिक राजनीति है. मैं इस देश और हमारे राज्य की भलाई के लिए काम करूंगा.' बता दें, बीरेंद्र सिंह का परिवार और अजय सिंह चौटाला का परिवार लंबे समय से प्रतिद्वंद्वी हैं. 2019 के विधानसभा चुनावों में दुष्यंत चौटाला ने उचाना कलां से बीरेंद्र सिंह की पत्नी बीजेपी की प्रेम लता को हराया था. 

चौटाला मे AAP और कांग्रेस पर साधा निशानाडिप्टी सीएम ने कांग्रेस पर भी कटाक्ष किया और दावा किया कि सबसे पुरानी पार्टी राज्य में एक विभाजित घर है. राष्ट्रीय स्तर पर, विपक्ष विभाजित है. राज्य में मैं देख रहा हूं कि कांग्रेस बंटी हुई है.' चौटाला ने कहा, एक पिता-पुत्र समूह है, दूसरा एसआरके समूह है. उनकी टिप्पणी में भूपेंद्र सिंह हुड्डा और उनके बेटे दीपेंद्र हुड्डा और कुमारी शैलजा, रणदीप सिंह सुरजेवाला और किरण चौधरी के एसआरके समूह का जिक्र था. वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अजय यादव की उस टिप्पणी पर कि वह कांग्रेस में घुटन महसूस कर रहे हैं. इसपर चौटाला ने कहा कि अगर कांग्रेस में इतनी ही घुटन है, तो हमारे दरवाजे उनके लिए खुले हैं.

चौटाला ने आम आदमी पार्टी पर भी कटाक्ष करते हुए कहा कि पंजाब में चुनाव के बाद किसी अन्य राज्य ने पार्टी का समर्थन नहीं किया. हमारे पास एक प्रवृत्ति भी थी जब एक पूर्व मंत्री, एक पूर्व सांसद और एक पूर्व विधायक ने AAP में शामिल होने के लिए कतार लगाई. लेकिन आज, AAP में कोई नहीं बचा है, उन्होंने पिछले महीने अशोक तंवर द्वारा अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल होने का जिक्र करते हुए निशाना साधा. 

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