पंजाब में ऑपरेशन ब्लू स्टार (Operation Blue Star) की बरसी पर महाराष्ट्र सरकार के कैबिनेट मंत्री और बीजेपी नेता गिरीश महाजन के एक विवादित बयान ने नया सियासी भूचाल ला दिया है. 6 जून को अमृतसर के मेहता चौक स्थित 'दमदमी टकसाल' के कार्यक्रम में महाजन द्वारा दिए गए भाषण को लेकर विपक्षी दलों ने बीजेपी पर जोरदार हमला बोला है. वहीं, विवाद बढ़ता देख पंजाब बीजेपी बैकफुट पर आ गई है और उसने इस बयान से किनारा कर लिया है.
मंत्री ने भाषण में क्या कहा?
महाराष्ट्र के मंत्री गिरीश महाजन ने दमदमी टकसाल के कार्यक्रम में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने स्वर्ण मंदिर पर आक्रमण करवाया था. उन्होंने ऑपरेशन ब्लू स्टार के दौरान स्वर्ण मंदिर के अंदर मारे गए लोगों को 'शहीद' करार दिया. मंत्री ने इस घटना को याद करते हुए कहा कि यह दिन सिख समुदाय के लिए एक 'काला दिन' था. गौरतलब है कि इसी सैन्य ऑपरेशन में खालिस्तान के पैरोकार और दमदमी टकसाल के तत्कालीन प्रमुख संत जरनैल सिंह भिंडरांवाले भी मारे गए थे.
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बैकफुट पर आई पंजाब बीजेपी
यह पहला मौका है जब कोई बड़ा बीजेपी नेता 'दमदमी टकसाल' के मुख्यालय (मेहता चौक) पहुंचा है. बीजेपी हमेशा से पंजाब में सिख कट्टरपंथी संगठनों की मुखर विरोधी रही है. ऐसे में अपनी ही पार्टी के मंत्री के इस बयान से पंजाब बीजेपी असहज हो गई है.
पंजाब बीजेपी के उपाध्यक्ष फतेहजंग सिंह बाजवा ने इस बयान से पल्ला झाड़ते हुए सफाई दी है, "यह महाराष्ट्र के मंत्री के निजी विचार हो सकते हैं, इसका बीजेपी की विचारधारा से कोई लेना-देना नहीं है. उन्हें दमदमी टकसाल द्वारा कार्यक्रम में बुलाया गया था, लेकिन वहां उन्होंने जो भी कहा वह पार्टी का आधिकारिक रुख नहीं है."
AAP और कांग्रेस का तीखा हमला
विवादित बयान सामने आते ही पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) और कांग्रेस ने बीजेपी को आड़े हाथों लिया. पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने 'X' (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा कि बीजेपी का राष्ट्रवाद के मुद्दे पर दोहरा चरित्र उजागर हो गया है. चुनावी फायदे के लिए बीजेपी पंजाब में आग से खेल रही है. पंजाब के लोग आतंकवाद के काले दौर से बड़ी मुश्किल से बाहर आए हैं और वे ऐसे अलगाववादी विचारों को पहले ही नकार चुके हैं.
पंजाब सरकार में कैबिनेट मंत्री और AAP नेता अमन अरोड़ा ने कहा कि बीजेपी वोटों के लालच में किसी भी हद तक जा सकती है. बीजेपी मंत्री का दमदमी टकसाल जाना पार्टी की मूल विचारधारा के बिल्कुल विपरीत है. पंजाब की जनता बीजेपी की इस 'वोट बैंक की राजनीति' को भली-भांति समझती है.
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पंजाब में अकाली दल से अलग होने के बाद बीजेपी सिख वोट बैंक, खासकर ग्रामीण इलाकों में अपनी पैठ बनाने के लिए ऐसे कदम उठा रही है. हालांकि, जानकारों का यह भी कहना है कि इस रणनीति में एक बड़ा जोखिम छिपा है. सिख कट्टरपंथी संगठनों के करीब जाने की इस कोशिश से बीजेपी का अपना परंपरागत और कोर 'हिंदू वोट बैंक' नाराज हो सकता है.
