फाजिल्का जिले के कई गांव इन दिनों भारी बरसात के बाद आई आफत से जूझ रहे हैं. बीते दिनों हुई मूसलधार बारिश के बाद इलाके की कई ड्रेनें टूट गईं, जिससे हजारों एकड़ खेतों में खड़ी फसलें पानी में डूब गई हैं. हालात इतने खराब हो गए हैं कि गांवों में ढाणियों का सड़कों से संपर्क भी पूरी तरह टूट गया है. कुछ मकान भी पानी और नमी के चलते ढह गए हैं. लोग अपने घरों से जरूरी सामान लेकर सुरक्षित स्थानों की ओर जा रहे हैं.

खेतों में खड़ी फसलें बर्बाद

ग्रामीणों का कहना है कि बरसात ने सब कुछ तबाह कर दिया है. खेतों में खड़ी फसलें बर्बाद हो गई हैं और प्रशासन की तरफ से पहले कोई मदद नहीं मिली. लोगों को खुद ही अपनी जान और माल की सुरक्षा के लिए जद्दोजहद करनी पड़ रही है. अब जब हालात गंभीर हो गए हैं, तो इलाके के नेता और प्रशासन के अधिकारी गांवों का दौरा करने निकले हैं.

एसडीएम ने लिया हालत का जायजा 

फाजिल्का के एसडीएम कृष्णपाल राजपूत खुद मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया. उन्होंने कहा कि सबसे पहले पानी की निकासी का इंतजाम करवाया जा रहा है, ताकि लोगों को राहत मिल सके.

साथ ही उन्होंने बताया कि प्रभावित इलाकों में पटवारी और बीडीपीओ के साथ मिलकर फसलों का सर्वे करवाया जाएगा. सर्वे के बाद नुकसान का आंकलन कर किसानों को मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी.

ड्रेनों की सफाई न होने से निकासी रुकी

गांव के लोगों का कहना है कि हर साल बरसात में ऐसी ही हालत हो जाती है, लेकिन ड्रेनों की समय पर सफाई नहीं होने की वजह से पानी की निकासी नहीं हो पाती. इस बार भी यही हुआ और नतीजा सबके सामने है.

गांववाले मांग कर रहे हैं कि प्रशासन इस बार सिर्फ सर्वे और आश्वासन तक न रुके, बल्कि सही तरीके से मुआवजा दे और ड्रेनों की स्थायी मरम्मत करवाए ताकि भविष्य में ऐसा नुकसान दोबारा न हो.

फिलहाल प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिए हैं, लेकिन ग्रामीणों की चिंता इस बात को लेकर है कि उनकी बर्बाद फसलों की भरपाई कैसे होगी और कब तक होगी.