पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात के बाद भारतीय जनता पार्टी के नेता और राज्यसभा सांसद संदीप पाठक को जवाब दिया है. मान की यह प्रतिक्रिया ऐसे वक्त में आई है जब पाठक ने पंजाब में खुद पर दर्ज की गई एफआईआर को फर्जी और झूठा बताया है.

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सीएम मान ने 5 मई, मंगलवार को कहा कि आप बीजेपी के पीछे नहीं छिप सकते हैं. यह और राज्यों में हो सकता है लेकिन पंजाब में नहीं. सीएम ने कहा कि पंजाबी किसी की धमकी बर्दाश्त नहीं करते. प्यार में आप जान ले लो लेकिन धमकी के बाद उसकी वापसी 4-5 गुना ताकत से करते हैं. सीएम ने कहा कि बीजेपी में जाने से सुरक्षा कवच नहीं मिलता है. 

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सांसदों ने उड़ाया लोकतंत्र का मजाक- भगवंत मान

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने के बाद भगवंत मान ने कहा, "मैं प्रेसिडेंट से मीटिंग कर के आया हूं. कुछ दिन पहले संविधान और लोकतंत्र की हत्या की गई है. अचानक 7 सांसदों ने इकट्ठा होकर अपने आप यह कह दिया कि हम AAP के नहीं रहे, किसी और पार्टी के हो गए हैं. ये सांसद AAP में रहते हुए दूसरी पार्टी में मर्ज हो गए. यह एकदम गैर-संवैधानिक है."

सीएम मान ने कहा, "राष्ट्रपति मुर्मू से मैंने विस्तार में बात की है. अगर एक पार्टी दो तिहाई वोट के साथ किसी और पार्टी में मर्ज होती है तो इसे स्वीकार किया जा सकता है लेकिन एक सदन के कुछ सांसद मिलकर कह दें कि हम किसी और पार्टी का हिस्सा हो गए हैं तो यह मनमर्जी कैसे चल सकती है? यह तो लोकतंत्र का मजाक हुआ." या तो ये सभी सांसद इस्तीफा देकर जाते, आम आदमी पार्टी इन सीटों पर किसी और को उतारती. 

भारतीय जनता पार्टी के पास विधायक दो थे और राज्यसभा सांसद 6, यह कैसे हो सकता है? क्या यह संविधान का मजाक नहीं बनाया गया है? सीएम भगवंत मान ने कहा कि उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के सामने लिखित में अपनी बात रखी है और पंजाब के सभी आप विधायकों के सिग्नेचर भी करवाए हैं.

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