Bhupendra Hooda on Anil Vij: हरियाणा में सियासी हलचल के बीच यह पता चला कि बीजेपी के सीनियर नेता अनिल विज नाराज हैं. अनिल विज मनोहर लाल खट्टर सरकार में गृहमंत्री थे. नई कैबिनेट के शपथ ग्रहण कार्यक्रम में भई अनिल विज शामिल नहीं हुए. विज की नाराजगी की वजह है नायब सिंह सैनी को मुख्यमंत्री बनाया जाना. बताया जा रहा है कि नायब सैनी अनिल विज से काफी जूनियर हैं, ऐसे में उनको सीएम कुर्सी मिलने से पूर्व गृह मंत्री नाखुश हैं. बीजेपी की इस अंदरूनी लड़ाई के बीच हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने पार्टी पर निशाना साधा है. 


भूपेंद्र सिंह हुड्डा अनिल विज की नाराजगी पर तंज कसते हुए कहा कि बीजेपी की इस सरकार में एक विभाग रूठने मनाने का भी है. कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि हरियाणा सरकार की लीडरशिप में जो फेरबदल हुआ, इससे साफ संकेत मिलत रहे हैं कि चुनाव से पहले ही बीजेपी ने हार मान ली है. कांग्रेस नेता का दावा है कि बीजेपी ने साढ़े चार साल की विफलता को छुपाने के लिए यह बदलाव किया है. हरियाणा सरकार हर जगह फेल हुई है. जनता को गुमराह करने के लिए गठबंधन तोड़ने का समझौता किया गया है.


'मिलीभगत के संकेत'
इतना ही नहीं, भूपेंद्र हुड्डा ने कहा कि बीजेपी-जेजेपी का गठबंधन लूट का गठबंधन था. ट्रस्ट वोट के दौरान जजपा ने व्हिप जारी किया था कि उसके विधायक न जाएं. ये सब मिलीभगत के संकेत हैं. सरकार के पास कोई नैतिक अधिकार नहीं है. 


'हरियाणा में चेहरा बदलने से कोई फायदा नहीं'
भूपेंद्र हुड्डा ने कहा, 'मैं समुदाय की राजनीति नहीं करता. हो सकता है मनोहर लाल खट्टर को लोकसभा चुनाव लड़ना हो, इसलिए मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया.' वहीं, भूपेंद्र हु्ड्डा का दावा है कि हरियाणा में चेहरा बदलने से कुछ नहीं होगा. 


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