शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) द्वारा श्री अकाल तख्त साहिब के आदेश के प्रचार को लेकर अब जमीनी स्तर पर अभियान शुरू कर दिया गया है. इस अभियान के तहत पंजाब के विभिन्न इलाकों में बोर्ड और पोस्टर लगाए जा रहे हैं, जिनमें सिख समुदाय से मुख्यमंत्री भगवंत मान का सामाजिक बहिष्कार करने की अपील की गई है.

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SGPC की ओर से हाल ही में धार्मिक संगठनों, ढाढी जत्थों और कविश्रों के साथ बैठक की गई थी. बैठक में फैसला लिया गया कि श्री अकाल तख्त साहिब के आदेश को गांव-गांव और शहर-शहर तक पहुंचाया जाएगा. इसी फैसले के बाद बठिंडा के तलवंडी साबो, पटियाला के नाभा, मोगा समेत कई अन्य स्थानों पर बोर्ड लगाए गए हैं.

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इन बोर्डों में मुख्यमंत्री भगवंत मान के सामाजिक बहिष्कार की बात कही गई है और इसके लिए अकाल तख्त के आदेश का हवाला दिया गया है. बताया जा रहा है कि शिरोमणि अकाली दल के कार्यकर्ता भी इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं.

गुरुद्वारा कमेटियों को भेजा गया पत्र

SGPC ने गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटियों और कविश्रों को पत्र लिखकर निर्देश दिए हैं कि अकाल तख्त के फैसले के प्रचार के लिए बड़े स्तर पर अभियान चलाया जाए.

पत्र में कहा गया है कि प्रत्येक SGPC सदस्य को कम से कम पांच बोर्ड दिए जाएं. इन बोर्डों का आकार 8 फुट बाय 10 फुट रखा गया है और इन्हें प्रमुख स्थानों पर लगाने के लिए कहा गया है ताकि अधिक से अधिक लोगों तक संदेश पहुंच सके.

भगवंत मान ने उठाए सवाल

SGPC के इस फैसले पर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने कहा कि अगर धार्मिक गलतियों को लेकर पोस्टर लगाए जा रहे हैं तो फिर शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल के पोस्टर क्यों नहीं लगाए जाते.

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा, "अब ऐसा कह रहे हैं कि मेरे सामाजिक बहिष्कार के लिए पोस्टर लगाएंगे. सुखबीर सिंह बादल ने तो अकाल तख्त के सामने अपनी गलती मानी थी कि उनके राज में बेअदबियां हुईं, सिख संगतों पर गोलियां चलाई गईं. उनके पोस्टर क्यों नहीं गुरुद्वारों के बाहर लगाए जाते हैं."

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SGPC के इस अभियान और मुख्यमंत्री भगवंत मान की प्रतिक्रिया के बाद पंजाब में राजनीतिक और धार्मिक हलकों में इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज हो गई है. आने वाले दिनों में यह मामला और ज्यादा गर्मा सकता है क्योंकि दोनों पक्ष अपने-अपने रुख पर कायम नजर आ रहे हैं.