पंजाब के मुख्यमंत्री  भगवंत मान ने राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया को एक पत्र लिखा है. इस पत्र में उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे खालिस्तानी आतंकवादी जगतार सिंह हवारा को 10 दिन की पैरोल देने की मांग की है.

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पत्र में भगवंत मान  ने पैरोल के लिए जगतार सिंह हवारा की मां की खराब तबियत का हवाला दिया है. मान ने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर ट्वीट कर इसकी जानकारी भी दी है. आम आदमी पार्टी (AAP) के एक और सांसद ने खुलकर इसका समर्थन किया है. 

CM मान ने पत्र में क्या लिखा?

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पत्र में राज्यपाल से मानवीय आधार पर जगतार को 10 दिन की पैरोल देने की सिफारिश की है. इस पत्र में हवारा द्वारा पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में पैरोल के लिए दायर याचिका का भी जिक्र है. मान ने लिखा कि उन्हें जानकारी मिली है कि जगतार सिंह हवारा की मां की उम्र अधिक होने के कारण उन्हें स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो रही हैं और उनकी हालत बिगड़ रही है.

मान ने यह भी लिखा कि हवारा ने पैरोल पर रिहाई के निर्देश के लिए पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में CRWP नंबर 3868/2026 भी दायर किया है. इसके अलावा मान ने पत्र में हाई कोर्ट के एक निर्देश का भी उल्लेख किया है, जिसमें कोर्ट ने हवारा की पैरोल अर्जी पर विचार करने के लिए कहा था. 

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कांग ने किया समर्थन

मान की इस अपील का आनंदपुर साहिब से AAP के लोकसभा सांसद मलविंदर सिंह कंग ने भी समर्थन किया है. उन्होंने पोस्ट कर लिखा कि वो मान की अपील का समर्थन करते हैं और मांग की कि जगतार सिंह हवारा को 10 दिन की पैरोल दी जाए ताकि वो अपनी बीमार और बुजुर्ग मां के साथ उनके जीवन के इस बेहद मुश्किल दौर में रह सकें. उन्होंने ये तक कहा कि ये राजनीति मामला नहीं है, बल्कि इंसानियत, हमदर्दी और सम्मान का मामला है. यह मामला मां और बेटे के पवित्र रिश्ते की गरिमा बनाए रखने से जुड़ा है. 

 

जगतार सिंह हवारा को सजा क्यों हुई?

बता दें कि, जगतार सिंह हवारा बबर खालसा संगठन का सदस्य है. 31 अगस्त 1995 में चंडीगढ़ में पंजाब सिविल सचिवालय के बाहर बम विस्फोट की साजिश में हवारा शामिल था. इस विस्फोट में तत्कालीन सीएम बेअंत सिंह सहित 16 लोगों की मौत हो गई थी. इस हत्या की साजिश में शामिल 6 आरोपियों को कोर्ट ने दोषी ठहराया था. इनमें  2 दो आरोपी बलवंत सिंह राजोआना और जगतार सिंह हवारा को दोषी ठहराते हुए कोर्ट ने 27 जुलाई 2007 को मौत की सजा सुनाई थी. हालांकि,  2010 में पंजाब और हरियाणा कोर्ट ने जगतार सिंह हवारा की मौत की सजा को आजीवन कारावास में बदल दिया था. तब से वो उम्रकैद की सजा काट रहा है. 

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