चंडीगढ़ में पंजाब बीजेपी के ऑफिस के बाहर एक अप्रैल को हुए धमाके के सिलसिले में कथित रूप से दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है. पंजाब के पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने रविवार को यह जानकारी दी.

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डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि मामले के आरोपी गुरतेज सिंह और अमनप्रीत सिंह को शनिवार रात हरियाणा के रेवाड़ी से गिरफ्तार किया गया. पुलिस प्रमुख ने यहां प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि दोनों आरोपी पंजाब के रूपड़ के मोरिंडा थाना क्षेत्र के रतनगढ़ गांव के निवासी हैं.

बता दें कि चंडीगढ़ में एक अप्रैल को करीब शाम पांच बजे सेक्टर 37 स्थित पार्टी मुख्यालय के बाहर एक धमाका हुआ था. इस धमाके में कारों की खिड़कियां टूट गईं और एक स्कूटर को नुकसान पहुंचा था. हालांकि कोई हताहत नहीं हुआ था. पुलिस ने पहले इसे देसी बम बताया था लेकिन बाद में यह हथगोला निकला.

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आरोपी पहले से आदतन अपराधी

वहीं गौरव यादव ने रविवार के संवाददाता सम्मेलन में अमनप्रीत के आपराधिक रिकार्ड की जानकारी दी. उन्होंने बताया, "चोरी के एक मामले में अमनप्रीत सिंह के खिलाफ मोहाली में प्राथमिकी दर्ज की गई थी और हिमाचल के बिलासपुर में उसके खिलाफ झपटमारी का एक और मामला दर्ज किया गया था."

पुलिस के अनुसार, "आरोपी गुरतेज सिंह ने छह महीने पहले सोशल मीडिया के जरिए पुर्तगाल स्थित बलजोत सिंह (जोट) के संपर्क में आया था. उसे 28 मार्च को गुरतेज को पंजाब के बलाचौर क्षेत्र से हथगोले और अन्य हथियारों की एक खेप लेने को कहा गया था."

अब तक 7 लोग गिरफ्तार

शनिवार को डीजीपी ने कहा कि पंजाब पुलिस की काउंटर-इंटेलिजेंस विंग ने चंडीगढ़ पुलिस के साथ संयुक्त ऑपरेशन में चंडीगढ़ हमला मामले को सुलझा लिया है. पुलिस ने बताया कि अब तक इस मामले में कुल सात गिरफ्तारियां हुई हैं, जिनमें पहले पांच आरोपी पाकिस्तान के आतंकवादी संगठन आईएसआई द्वारा समर्थित एक मॉड्यूल से जुड़े हुए थे. इस धमाके के बाद, पुलिस ने एक हथगोला और .30 बोर की एक जिगाना पिस्तौल बरामद की है.

इस मामले में गिरफ्तार किए गए पहले पांच आरोपियों में बलविंदर लाल उर्फ ​​शमी (गांव माजरी, एसबीएस नगर), जसवीर सिंह उर्फ ​​जस्सी (गांव भरापुर, एसबीएस नगर), चरणजीत सिंह उर्फ ​​चन्नी (गांव सुजावलपुर, एसबीएस नगर), रूबल चौहान (गांव थाना, शिमला) और मनदीप उर्फ अभिजोत शर्मा (धूरी, संगरूर) शामिल है.

ISI द्वारा चलाया जा रहा था मॉड्यूल

प्रारंभिक जांच से पता चला है कि यह मॉड्यूल पाकिस्तान के आईएसआई एजेंसी द्वारा संचालित किया जा रहा था और पुर्तगाल और जर्मनी स्थित सरगना इसे चला रहे थे.

इन धाराओं में केस दर्ज

'स्टेट स्पेशल ऑपरेशंस सेल' (एसएसओसी) एसएएस नगर के सहायक पुलिस निरीक्षक दीपक पारेख ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ यहां थाने में शस्त्र अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है.

प्रतिबंधित संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) के सुखजिंदर सिंह बब्बर ने घटना वाले दिन ही सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस धमाके की जिम्मेदारी ली थी.