पूरे उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड और शीत लहर का असर लगातार बढ़ता जा रहा है. ठंड की वजह से जहां आम लोग घरों में दुबकने को मजबूर हैं, वहीं सड़कों पर रहने वाले बेसहारा और जरूरतमंद लोगों के लिए हालात कहीं ज्यादा मुश्किल हो गए हैं. इसी बीच पठानकोट से इंसानियत को जिंदा रखने वाली एक तस्वीर सामने आई है. भीख मांगकर अपना गुजारा करने वाले राजू भिखारी ने जरूरतमंदों के लिए कंबलों का लंगर लगाया.

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राजू नाम के भिखारी ने करीब 500 गर्म कंबल गरीब और बेसहारा लोगों में बांटे. खास बात यह है कि यह काम किसी बड़े संगठन या अमीर व्यक्ति ने नहीं, बल्कि खुद सड़कों पर रहने वाले एक व्यक्ति ने किया.

10-10 रुपये जोड़कर किया नेक काम

राजू भिखारी ने बताया कि उसने यह काम भीख में मिले दस-दस रुपये जोड़कर किया है. उसका कहना है कि शायद भगवान ने उसकी ड्यूटी लगा रखी है कि जो भी जरूरतमंद सामने आए, उसकी मदद की जाए. भगवान करवाता है, मैं करता जाता हूं, यह कहते हुए राजू की आंखों में सुकून साफ नजर आया.

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मन की बात में भी हो चुका है जिक्र

राजू भिखारी का नाम इससे पहले भी सुर्खियों में रह चुका है. कोविड काल के दौरान उनके सेवा कार्यों का जिक्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने कार्यक्रम मन की बात में किया था. एक बार फिर राजू का यह काम समाज के लिए मिसाल बनकर सामने आया है.

सरकार से घर की मांग

जब राजू से बात की गई तो उन्होंने सरकार से अपने लिए एक घर की मांग भी रखी. उन्होंने कहा कि उनके पास रहने के लिए अपना कोई ठिकाना नहीं है और अगर सिर छुपाने की जगह मिल जाए तो उनकी जिंदगी थोड़ी आसान हो सकती है.

मौके पर पहुंचे आम आदमी पार्टी के एक नेता ने राजू की जमकर तारीफ की. उन्होंने कहा कि समाज के संपन्न लोगों को राजू भिखारी से सीख लेनी चाहिए और जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आना चाहिए.