Waris Pathan On Waqf Amendment Bill: वक्फ संशोधन बिल को लेकर AIMIM के राष्ट्रीय प्रवक्ता वारिस पठान ने अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा है कि ये बिल बीजेपी की पूर्व नियोजित साजिश का नतीजा है, जिसके तहत वे मुसलमानों की जमीन हड़पना चाहते हैं. उन्होंने ये भी कहा कि संविधान ने हमें यह अधिकार दिया है कि अगर सरकार कोई काला कानून लाती है, तो हम उसका कड़ा विरोध करें.

संसद में वक्फ संशोधन बिल लाने के सवाल पर वारिस पठान ने कहा, ''हम भी सुन रहे हैं कि ईद के बाद वक्फ विधेयक संसद में लाया जाने वाला है लेकिन लोकसभा में इस विधेयक का पारित होना बहुत मुश्किल है, क्योंकि वहां बीजेपी के पास बहुमत नहीं है. अगर बीजेपी को यह विधेयक पारित करना है, तो पार्टी को चंद्रबाबू नायडू, नीतीश कुमार, चिराग पासवान और जयंत चौधरी का समर्थन लेना जरूरी है. अगर इन लोगों ने इस बिल का समर्थन किया तो भारत के मुसलमान उन्हें कभी माफ नहीं करेंगे.'' 

वक्फ संशोधन बिल असंवैधानिक- वारिस पठान

AIMIM नेता ने आगे कहा, ''वक्फ संशोधन बिल असंवैधानिक है. यह अनुच्छेद 14, 25 और 26 का पूरी तरह से उल्लंघन है. आप मुस्लिम वक्फ बोर्ड में किसी गैर-मुस्लिम को कैसे शामिल कर सकते हैं? आप एसडीएम, कलेक्टर को पावर दे रहे हो. अब क्लेक्टर और एसडीएम तो सरकार के अंदर काम करते हैं, वो तो बोल देंगे कि जमीन वक्फ की नहीं है, इस पर विवाद है तो जमीन चला जाएगा. आप लिमिटेशन का एक्ट भी यहां पर नहीं रखते हैं. सारी चीज अगर आप देखेंगे तो ऐसा लगता है कि जो वक्फ संशोधन बिल आ रहा है, ये बीजेपी की सोची समझी साजिश का एक नतीजा है.''

मुसलमानों की जमीन को हड़पने की नियत- वारिस पठान

उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा, ''इस बिल के तहत वो हमारी मुसलमानों की जमीन को हड़पना चाहते हैं. वक्फ को बचाने के लिए ऐसा करने का उनका दावा बिल्कुल झूठा है. इनकी नियत में खोट है. ये वक्फ को बचाने के लिए कुछ नहीं कर रहे हैं, ये हमारी वक्फ की जमीन को हड़प करने का इस तरह का काला कानून ला रहे हैं.''

मुसलमानों ने बिल को रिजेक्ट कर दिया है- पठान

वारिस पठान ने आगे कहा, ''मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने जब एक वेबसाइट के जरिए लोगों से ऑब्जेक्शन मंगवाए थे, तो करोड़ों लोगों ने इस बिल पर ऑब्जेक्शन उठाया. जब देश के तमाम मुसलमानों ने इस बिल को रिजेक्ट कर दिया तो आप इसे क्यों लाना चाहते हैं? जेपीसी का गठन हुआ, कमेटी के अंदर हमारी पार्टी के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी साहब भी थे. उन्होंने जो डिसेंट नोट्स दिए थे, उसमें काफी सारे प्वाइंट्स ही गायब हो गए. आपको सब चीज डालना चाहिए था.'' 

'हम संवैधानिक तरीके से विरोध करेंगे'

AIMIM नेता वारिस पठाने बताया, ''मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने कहा है कि हम पूरे देशभर के अंदर विरोध करेंगे. संविधान ने हमें यह अधिकार दिया है कि अगर सरकार की कोई नीति गलत है, सरकार कोई काला कानून लाती है तो उसका पुरजोर तरीके से विरोध करेंगे. इस बिल के खिलाफ लाखों लोग सड़कों पर उतर रहे हैं. हम भी उस विरोध का हिस्सा हैं. अगर ये बिल लाया जाता है, तो हम संवैधानिक तरीके से विरोध करेंगे. हम कायदे कानून के दायरे में रहकर अपनी बात रखेंगे. हमारी एक ही मांग है कि सरकार इस काले कानून को फौरी तौर पर वापस ले.''